वृंदावन में संदिग्ध मौत का मामला: हाईकोर्ट में सुनवाई की तैयारी
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंचा
वृंदावन: संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता है, की संदिग्ध मौत का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंच गया है। यह मामला पिछले डेढ़ महीने से अनसुलझा है और न्यायालय ने इस पर छह नवंबर को सुनवाई तय की है। सामाजिक कार्यकर्ता और वकील प्रहलाद कृष्ण शुक्ला द्वारा दायर की गई आपराधिक जनहित याचिका को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई संदिग्ध मौत
25 सितंबर को जबलपुर के निवासी रसिक दुलारी शरण की वृंदावन के वाराह घाट स्थित एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उन्हें गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने उनके शरीर पर गंभीर चोटों और गुप्तांग कटे होने की जानकारी दी। इस खुलासे ने मामले को और भी जटिल बना दिया। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु होने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया था।
कमरे से बरामद खून से सना ग्राइंडर
पुलिस ने जांच के दौरान मृतक के कमरे से खून से सना एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर बरामद किया। इसके अलावा, घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई, जिसमें रसिक दुलारी शरण को छत से गिरते हुए देखा गया। घटना के बाद, मृतक के भाई ने मथुरा पुलिस को तहरीर देकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
हाईकोर्ट में याचिका और आगामी सुनवाई
पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने घटना के तीन दिन बाद प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक जनहित याचिका दायर की। याचिकाकर्ता का कहना है कि घटना की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। अब छह नवंबर को होने वाली सुनवाई में न्यायालय का निर्णय इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई को निर्धारित कर सकता है।
