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संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायी की संदिग्ध मौत: अनिरुद्धाचार्य ने उठाए सवाल

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने संत के समर्थन में बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने बिना तथ्यों के चल रही बयानबाजी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी कटाक्ष किया और लोगों से जांच पर भरोसा करने की अपील की। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है।
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वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर विवाद


वृंदावन: रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद राधा केलि कुंज आश्रम के बारे में सोशल मीडिया पर कई चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग आश्रम में जाकर अपने परिजनों से जानकारी जुटा रहे हैं, जबकि इंटरनेट पर विभिन्न दावों ने लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इसी बीच, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने संत प्रेमानंद महाराज के समर्थन में एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने उनके खिलाफ चल रही बयानबाजी पर सवाल उठाए हैं।


बिना तथ्यों के बयानबाजी पर सवाल


अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि संत प्रेमानंद भगवान के सच्चे भक्त हैं और हमेशा भक्ति में लीन रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग और मीडिया संस्थान बिना पूरी जानकारी के मामले को लेकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना था कि आजकल टीआरपी की होड़ में कई बार ऐसी बातें सामने आती हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों को समझना आवश्यक है।


भक्ति और अनुयायियों पर असर


कथावाचक ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचनों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को भक्ति से जोड़ा है। ऐसे में उनके बारे में चल रही चर्चाओं और आरोपों को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब किसी संत के बारे में बिना तथ्यों के बातें की जाती हैं, तो इसका असर उनके अनुयायियों और समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही हर जानकारी पर भरोसा न करने की सलाह दी।


मीडिया पर कटाक्ष


अनिरुद्धाचार्य ने अपने बयान में मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शोर करने वालों के बीच कई बार सही आवाज दब जाती है। उन्होंने मीडिया को 'मेंढ़क' की उपमा देते हुए कहा कि जब मेंढ़क टर्राते हैं, तो कोयल चुप हो जाती है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।


जांच पर भरोसा की जरूरत


रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उठ रहे सवालों के बीच आश्रम और संत प्रेमानंद महाराज को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बजाय जांच और आधिकारिक तथ्यों पर भरोसा करने की आवश्यकता बताई जा रही है।