संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बदलाव: दीपक की संदिग्ध मौत के बाद नई दिशा-निर्देश
दीपक की संदिग्ध मौत के बाद आश्रम में बदलाव
वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक के नाम से जाना जाता है, की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद उनके आश्रम में कई व्यवस्थाओं में बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है। आश्रम ने दीक्षा प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है, और साधकों के रहन-सहन तथा वस्त्रों के संबंध में नए निर्देश जारी करने की बात सामने आई है। इसके साथ ही, कुछ प्रमुख साधकों द्वारा साधु वेश छोड़ने की चर्चाएं भी चल रही हैं, लेकिन इस पर आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं आई है।
दीक्षा प्रक्रिया पर रोक
सूत्रों के अनुसार, आश्रम में दीक्षा लेने वाले साधकों की संख्या में वृद्धि और उनकी पात्रता को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। बिना किसी परीक्षा या विस्तृत प्रक्रिया के दीक्षा देने के मुद्दे पर भी मतभेद की बातें सामने आई हैं। दीपक की मृत्यु के बाद, आश्रम की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिसके चलते दीक्षा प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
गृहस्थ साधकों के लिए नए निर्देश
आश्रम के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, गृहस्थ साधकों को साधु वेश धारण करने पर आपत्ति उठाई गई है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, उन्हें पीले या सफेद रंग के साधु वस्त्र पहनने से रोका गया है। ऐसे साधक अब सामान्य कुर्ता-पायजामा या कुर्ता-धोती पहन सकते हैं। आश्रम के प्रबंधन का मानना है कि साधु वेश और गृहस्थ साधकों के बीच स्पष्ट पहचान बनाए रखना आवश्यक है।
साधु वस्त्र छोड़ने की चर्चाएं
इस बीच, कुछ साधकों द्वारा साधु वस्त्र छोड़ने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। दीपक की मृत्यु के बाद आश्रम की आंतरिक व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं, और आश्रम प्रबंधन द्वारा नियमों और बदलावों की स्पष्ट जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस जांच जारी
दीपक की मृत्यु के मामले में पुलिस जांच जारी है। घटना के बाद सामने आए तथ्यों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की भी जांच की जा रही है। ऐसे में आश्रम की व्यवस्थाओं में हो रहे बदलावों को इस घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है।
