Newzfatafatlogo

साध्वी प्राची का विवादित बयान: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर उठे सवाल

आगरा में राजेश्वर मेला 2026 के उद्घाटन समारोह में साध्वी प्राची ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए विवादित बयान दिया। उन्होंने युवतियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक बहस छिड़ गई। साध्वी ने बेटियों को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं, जहां कुछ लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, वहीं अन्य इसे अनुचित मान रहे हैं। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
 | 

उत्तर प्रदेश में साध्वी प्राची का बयान चर्चा का विषय


उत्तर प्रदेश: आगरा में आयोजित राजेश्वर मेला 2026 के उद्घाटन समारोह में हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कुछ युवतियों के बारे में विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक बहस छिड़ गई है.


राजेश्वर मेला-2026 का शुभारंभ

सावन के अवसर पर रविवार को प्राचीन राजेश्वर महादेव मंदिर में राजेश्वर मेला-2026 का उद्घाटन किया गया। साध्वी प्राची ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और भगवान राजेश्वर महादेव की डोला यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ शोभायात्रा निकाली.


बेटियों को संस्कार देने की आवश्यकता

उद्घाटन समारोह में साध्वी प्राची ने बेटियों को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज में मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। उनके अनुसार, जब संस्कार कमजोर होते हैं, तो यह लोगों की भाषा और आचरण पर भी प्रभाव डालता है.


जंतर-मंतर प्रदर्शन का संदर्भ

अपने भाषण में साध्वी प्राची ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे ऐसी युवतियों की तस्वीरें अपने मोबाइल में सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में वे उनके परिवार का हिस्सा न बनें. उनका कहना था कि इस तरह की भाषा समाज के लिए सकारात्मक संदेश नहीं देती.


सामाजिक प्रतिक्रिया

साध्वी प्राची के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद इस पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य इसे अनुचित और विवादास्पद मान रहे हैं। इस मामले में प्रदर्शनकारियों या अन्य पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन साध्वी प्राची के बयान ने सार्वजनिक मंचों पर नेताओं और सामाजिक हस्तियों की भाषा पर चर्चा को फिर से तेज कर दिया है.