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सीबीआई ने ऋषिकेश में पकड़ा फरार CGST अधिकारी, रिश्वतखोरी का मामला गरमाया

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ऋषिकेश में फरार चल रहे CGST के अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कंठेती को गिरफ्तार किया है। उन पर मुंबई में रिश्वतखोरी के आरोप हैं। सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक अधीक्षक ने शिकायतकर्ता से अवैध रूप से पैसे मांगे थे। इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई और उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद आगे की जांच जारी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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सीबीआई की कार्रवाई से हड़कंप


नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक रिश्वतखोरी के मामले में फरार चल रहे केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के अतिरिक्त आयुक्त को ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी, विनय कुमार कंठेती, 2009 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई में दर्ज एक रिश्वत मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भागने का प्रयास किया।


भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 26 अगस्त 2026 को एक शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया। शिकायत में कहा गया था कि रायगढ़ के खांदेश्वर स्थित सीजीएसटी कार्यालय के अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा ने शिकायतकर्ता की फर्म से संबंधित कार्यवाही के लिए अवैध रूप से रिश्वत मांगी थी। पहले 1.50 करोड़ रुपये की मांग की गई, जिसे बाद में घटाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया।


गिरफ्तारी के दौरान रिश्वत लेते हुए पकड़े गए

सीबीआई ने 27 अगस्त को एक जाल बिछाया और कार्रवाई के दौरान एक निजी व्यक्ति और सीमा शुल्क हाउस एजेंट नरिंदर राजपूत को 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। सीबीआई के अनुसार, यह राशि अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कंठेती द्वारा ली जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को ठाणे की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया।


विशेष अदालत का आदेश रद्द

सीबीआई ने आरोपियों से पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत मांगी, लेकिन 28 अगस्त को विशेष अदालत ने यह मांग खारिज कर दी और गिरफ्तारियों को अवैध मानते हुए आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद, सीबीआई ने इस आदेश को मुंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी। 16 सितंबर 2026 को उच्च न्यायालय ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार की और विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।


अधिकारी की गिरफ्तारी और आगे की जांच

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और नरिंदर राजपूत को सीबीआई ने दो दिन की हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस बीच, अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कंठेती उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने के बजाय फरार हो गए। सीबीआई ने उनकी तलाश तेज की और अंततः उन्हें ऋषिकेश में पकड़ लिया। अब सीबीआई रिश्वतखोरी के आरोपों और फरार आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।