सोनम वांगचुक की पत्नी ने अस्पताल के खिलाफ उठाए गंभीर सवाल
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि आंग्मो, ने सफदरजंग अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस अस्पताल पर से भरोसा उठ गया है और इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की त्वरित सुनवाई की मांग की है।
गीतांजलि का आरोप है कि अस्पताल ने उन्हें सूचित किया था कि सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर 2.9 तक गिर गया है, जो कि चिंताजनक और जानलेवा स्थिति है। हालांकि, अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में इस आंकड़े का उल्लेख नहीं किया गया और केवल यह कहा गया कि पोटेशियम का स्तर कम हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एक स्वतंत्र प्रयोगशाला की जांच में पोटेशियम स्तर 3.5 पाया गया, जो सामान्य सीमा में है।
पुलिस की तैनाती पर सवाल
गीतांजलि ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन बार-बार अनुरोध करने के बावजूद सोनम वांगचुक को डिस्चार्ज करने या किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं दे रहा है। उनके अनुसार, वार्ड के बाहर लगभग 30 पुलिसकर्मी तैनात हैं और पूरे अस्पताल परिसर में 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद हैं, जिससे उनकी आवाजाही पर रोक लग गई है। उन्होंने इसे चिकित्सकीय देखभाल नहीं, बल्कि 'अवैध हिरासत' करार दिया।
सुरक्षा की चिंता
गीतांजलि ने कहा कि यदि सोनम वांगचुक के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन और सरकार की होगी। इसी कारण उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि सोनम वांगचुक को उनकी पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी सेहत और अधिक बिगड़ने से पहले उचित उपचार मिल सके। गीतांजलि ने कहा कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के इलाज के लिए अस्पताल चुनने के अधिकार के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए।
