स्वामी हरिदास जी का प्राकट्योत्सव: वृंदावन में भक्तों का उमड़ा सैलाब
वृंदावन में भव्य उत्सव
वृंदावन: संगीत सम्राट स्वामी हरिदास जी का प्राकट्योत्सव शनिवार को निधिवन राज मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। उन्हें ठाकुर बांके बिहारी जी का प्राकट्यकर्ता और ललिता सखी का अवतार माना जाता है। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के बीच स्वामी जी के श्रीविग्रह का पंचगव्य और विभिन्न दुग्ध पदार्थों से महाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही महाभिषेक के दर्शनों के लिए उमड़ती रही।
वैदिक मंत्रों के साथ महाभिषेक
निधिवन राज मंदिर में सेवायत मयंक गोस्वामी मिंटू और रघु गोस्वामी की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महाभिषेक की प्रक्रिया संपन्न हुई। दूध, दही, शर्करा, बूरा, घी और शहद से श्रीविग्रह का अभिषेक किया गया। इस दौरान भक्तों ने स्वामी हरिदास जी के बधाई पदों का गायन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
भक्तों का उत्साह और जयकारे
महाभिषेक के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। भक्त स्वामी हरिदास जी के श्रीविग्रह की एक झलक पाने के लिए लालायित थे। मंदिर परिसर में ठाकुर बांके बिहारी और स्वामी हरिदास जी के जयकारे गूंजते रहे। प्राकट्योत्सव के अवसर पर निधिवन राज मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
समाधि स्थल की आकर्षक सजावट
समाधि स्थल के बाहरी हिस्से को देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया, जबकि अंदर सफेद मोतियों से की गई सजावट श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही थी। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ बधाई गायन और भक्ति संगीत ने प्राकट्योत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया।
