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स्वामी हरिदास संगीत महोत्सव: वृंदावन में भारतीय शास्त्रीय संगीत का जश्न

वृंदावन में 18 और 19 सितंबर को स्वामी हरिदास जी को समर्पित एक भव्य संगीत और नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में देश के प्रमुख कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिसमें कथक, शास्त्रीय गायन, और सूफी संगीत शामिल हैं। सांसद हेमा मालिनी ने इस महोत्सव की सराहना की है और इसे भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा का प्रतीक बताया है। जानें इस महोत्सव में शामिल होने वाले कलाकारों और कार्यक्रमों के बारे में अधिक जानकारी।
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स्वामी हरिदास जी को समर्पित महोत्सव का आयोजन


वृंदावन: भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान संत स्वामी हरिदास जी की स्मृति में 18 और 19 सितंबर को रमणरेती स्थित वन महाराज कॉलेज में दो दिवसीय संगीत एवं नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध कलाकार कथक, शास्त्रीय गायन, संतूर, सितार, सूफी गायन और काव्य की अद्भुत प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वामी हरिदास जी को श्रद्धांजलि देंगे। इस महोत्सव में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां भी शामिल होंगी।


स्वामी हरिदास जी का संगीत में योगदान

रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ब्रजभूमि की महान विभूतियों में से एक हैं। उन्होंने अपनी संगीत साधना के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को विश्व के सामने प्रस्तुत किया। स्वामी हरिदास जी का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान आज भी कृष्ण भक्तों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि सम्राट अकबर को भी प्रभावित करने वाले स्वामी हरिदास जी को समर्पित यह महोत्सव संस्कृति और संगीत प्रेमियों के लिए एक अनमोल उपहार है।


महोत्सव की सराहना

हेमा मालिनी ने महोत्सव आयोजन समिति की सराहना की


हेमा मालिनी ने संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि इस मंच से कई बड़े कलाकार अपनी कला के माध्यम से स्वामी हरिदास जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर चुके हैं। यह ब्रजभूमि के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने आयोजन समिति को भव्य महोत्सव के लिए शुभकामनाएं भी दीं।


पिछले ढाई दशकों का सफर

ढाई दशक से कलाकारों का मंच बना स्वामी हरिदास महोत्सव


पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि पिछले लगभग 25 वर्षों से इस महोत्सव के मंच पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उन्होंने सांसद हेमा मालिनी से भी अनुरोध किया कि वे अगले वर्ष इस मंच पर अपनी नृत्य कला के माध्यम से स्वामी हरिदास जी को श्रद्धांजलि दें। समिति के सचिव गोपी गोस्वामी ने बताया कि महोत्सव के दोनों दिनों में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभिन्न विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।


महोत्सव का कार्यक्रम

पहले दिन कथक और शास्त्रीय संगीत की होगी शानदार प्रस्तुति


महोत्सव के पहले दिन प्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित विशाल कृष्ण अपनी टीम के साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। मध्य प्रदेश की प्रतिभाशाली बहनें संस्कृति एवं प्रकृति संतूर और सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति सुश्री मानली बोस देंगी, जिनके साथ तबले पर श्री राम कुमार और हारमोनियम पर धर्मनाथ मिश्रा संगत करेंगे।


19 सितंबर को मुंबई की प्रसिद्ध सूफी गायिका सुश्री प्रियानी वाणी पंडित अपनी टीम के साथ सूफी गायन और गीतों की प्रस्तुति देंगी। इसके अलावा महोत्सव में देश के सुप्रसिद्ध कवि और कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी, शशिकांत यादव, शंभू शिखर, स्वयं श्रीवास्तव एवं मुमताज नसीम की प्रस्तुतियां भी महोत्सव का विशेष आकर्षण रहेंगी।


महोत्सव में प्रवेश की प्रक्रिया

ई-प्रवेश पत्र से मिलेगा महोत्सव में प्रवेश


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश चतुर्वेदी, संयोजक अनूप शर्मा और समन्वयक अभय वशिष्ठ ने बताया कि महोत्सव में प्रवेश के लिए आमंत्रण पत्र और ई-प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं। इन्हें समिति की फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने संगीत और कला प्रेमियों से अपील की है कि वे इस अनूठे आयोजन का आनंद लेने के लिए महोत्सव में अवश्य आएं।


यह महोत्सव श्री राधाष्टमी और स्वामी हरिदास जी के आविर्भाव दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसे ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।