हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों का विरोध: वेतन और फेस्टिवल एडवांस में देरी से बढ़ा आक्रोश
हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों की बैठक
हिसार: हरियाणा राज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी यूनियन रजि. नंबर 492 की आम सभा और गेट मीटिंग का आयोजन ब्रांच के वरिष्ठ उपप्रधान कृष्ण शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। इस बैठक का संचालन ब्रांच सचिव साहिल सहारण ने किया। यूनियन के जिला प्रधान छबिलदास मौलिया और सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान राजेश बागड़ी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों को लागू कर रही हैं, जिसके चलते आम जनता और कर्मचारियों में भारी असंतोष है। लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं।
वेतन और फेस्टिवल एडवांस में देरी से कर्मचारियों में नाराजगी
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सरकार की घोषणा के बावजूद पशुपालन विभाग के क्षेत्र-3 में वित्तीय शक्तियों की कमी का हवाला देकर कर्मचारियों का 30 अक्टूबर 2026 का वेतन, फेस्टिवल एडवांस और जीपीएफ एडवांस का भुगतान लंबित रखा गया है। जबकि इनका भुगतान समय पर होना चाहिए था। पिछले 20 दिनों से इस मुद्दे पर मौखिक और लिखित अनुरोध किए जा रहे हैं। 27 अक्टूबर को मुख्य अधीक्षक, राजकीय पशुधन फार्म हिसार के साथ हुई बातचीत में भी सहमति बनी थी, लेकिन कर्मचारियों को अभी तक उनका भुगतान नहीं मिला।
भुगतान न होने पर कार्रवाई की मांग
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उपनिदेशक, भेड़ प्रजनन फार्म हिसार के पास वित्तीय शक्तियां होने के बावजूद कर्मचारियों को वेतन और फेस्टिवल एडवांस का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने और कर्मचारियों का लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की।
काली दिवाली मनाने की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो 6 नवंबर को एक बड़ी गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारी 'काली दिवाली' मनाने का निर्णय लेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने विभाग में ठेकेदार प्रथा समाप्त करने, स्थायी सरकारी भर्ती शुरू करने, कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और हरियाणा में लागू साढ़े छह घंटे की ड्यूटी व्यवस्था के अनुरूप राजकीय पशुधन फार्म में भी ड्यूटी रोस्टर लागू करने की मांग की।
रोडवेज हड़ताल का समर्थन
बैठक में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही, 12 दिसंबर 2026 को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ द्वारा आयोजित रैली में भाग लेने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान रणबीर रावत, सीताराम मौलिया, देवाशीष, सुरेश सहित कई कर्मचारी नेताओं ने भी बैठक को संबोधित किया।
