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हरियाणा में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के लिए नई तकनीकें लागू

हरियाणा सरकार ने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के लिए नई तकनीकों को लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली, तकनीकी ऑडिट और थर्ड पार्टी निरीक्षण शामिल हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि जनता के पैसे से बनने वाली परियोजनाएं उच्च मानकों के अनुरूप हों, हर स्तर पर गुणवत्ता की जांच की जाएगी। नागरिक अब क्यूआर कोड के माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
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हरियाणा में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के लिए नई तकनीकें लागू

हरियाणा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान


हरियाणा: हरियाणा सरकार अब सरकारी निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता की निगरानी को और अधिक सख्त और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की योजना बना रही है। राज्य में सड़कें, पुल, सरकारी भवन और अन्य विकास कार्यों की हर चरण पर निगरानी रखने के लिए एक नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता के धन से बनने वाली परियोजनाएं निर्धारित मानकों के अनुसार और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों।


गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की नई प्रणाली

राज्य सरकार गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (QAA) के माध्यम से एक आधुनिक निगरानी तंत्र विकसित कर रही है। इस प्रणाली में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली, तकनीकी ऑडिट और थर्ड पार्टी निरीक्षण जैसी सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है। क्यूएए के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। अब किसी भी परियोजना की निर्माण प्रक्रिया के साथ-साथ उसकी योजना, डिजाइन, डीपीआर, निर्माण और रखरखाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा।


हर स्तर पर गुणवत्ता की जांच

सरकार का ध्यान केवल निर्माण कार्य को पूरा करने पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा संचालित परियोजनाओं का तकनीकी ऑडिट शुरू किया गया है। इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ परियोजनाओं की जांच करेंगे और यदि किसी प्रकार की तकनीकी कमी या गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आती है, तो समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से थर्ड पार्टी निरीक्षण भी किया जाएगा, जिससे निष्पक्ष मूल्यांकन संभव हो सके।


क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रत्येक निर्माण स्थल पर क्यूआर कोड लगाने की योजना बनाई गई है। नागरिक इस कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करके परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसमें परियोजना की कुल लागत, निर्माण अवधि, कार्य कर रही एजेंसी और काम की वर्तमान स्थिति जैसी जानकारियां उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को सरकारी कार्यों की वास्तविक प्रगति जानने में आसानी होगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।


निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच

निर्माण कार्यों में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए आधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जहां निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी। साथ ही इंजीनियरों और अधिकारियों को नई इंजीनियरिंग तकनीकों तथा गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक प्रणालियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं के संचालन और निगरानी में अधिक दक्षता आएगी।


विकास कार्यों में पारदर्शिता का बढ़ता स्तर

गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण का मानना है कि इन नई व्यवस्थाओं से हरियाणा में सार्वजनिक आधारभूत ढांचे की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। डिजिटल निगरानी, तकनीकी ऑडिट और सार्वजनिक सूचना प्रणाली के जरिए विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी परियोजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।