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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 205 मौतें और 166 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस मानसून में 205 लोगों की मौत हो चुकी है और 166 सड़कें बंद हैं। बारिश के कारण भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएँ बढ़ गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी और सावधानियाँ।
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हिमाचल प्रदेश में मौसम की स्थिति


हिमाचल प्रदेश मौसम: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जिलों में मूसलधार बारिश के कारण भूस्खलन, पेड़ गिरने, नालों में बाढ़ और सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। इस मानसून में अब तक 205 लोगों की जान जा चुकी है, और बारिश से होने वाले नुकसान का आंकड़ा 1033 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बुधवार को हुई बारिश के बाद एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 166 सड़कें बंद रहीं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। 20 और 21 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।


24 घंटे में भारी बारिश का असर

पिछले 24 घंटों में हिमाचल के मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन में कई स्थानों पर 120 से 150 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और सिरमौर में भी 50 से 80 मिलीमीटर बारिश हुई। इस बारिश का असर निचले इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी ढलानों के खिसकने और सड़कों पर मलबा आने का खतरा बढ़ गया है।


सुजानपुर टीहरा में बारिश के आंकड़े

पिछले 24 घंटे में राज्य के विभिन्न स्थानों पर बारिश के आंकड़े अत्यधिक रहे। हमीरपुर के सुजानपुर टीहरा में 156 मिमी, बिलासपुर के नैना देवी में 136 मिमी और हमीरपुर के नादौन में 128 मिमी बारिश हुई। कांगड़ा के धर्मशाला में 127 मिमी बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कुछ क्षेत्रों में थोड़े समय में बहुत अधिक पानी गिरा।


सड़कें बंद, मंडी सबसे अधिक प्रभावित

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम तक प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 166 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। मंडी जिले में सबसे अधिक 84 सड़कें बाधित रहीं। इसके अलावा मंडी-कोटली-धर्मपुर राष्ट्रीय राजमार्ग भी रोपड़ू के पास बंद रहा। कुल्लू में 35, सिरमौर में 12 सड़कें बंद रहीं।


बिजली और पेयजल व्यवस्था पर असर

भारी बारिश ने बिजली आपूर्ति को भी प्रभावित किया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में 130 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने की सूचना है। लाहुल-स्पीति के स्पीति उपमंडल में 68 और हमीरपुर में 42 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। इसके कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही है। पेयजल योजनाओं की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां 222 योजनाएं प्रभावित हुई हैं।


205 लोगों की मौत का आंकड़ा

इस मानसून सीजन में बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और सड़क हादसों से जुड़ी घटनाओं में अब तक 205 लोगों की जान जा चुकी है। प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश से प्रदेश को 1,033 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।


भविष्यवाणी और सावधानियाँ

मौसम विभाग ने 20 और 21 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। IMD की सलाह के अनुसार, संवेदनशील ढलानों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है।