हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: 152 लोगों की मौत और 835 करोड़ का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में बारिश का प्रकोप
शिमला. हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अपनी तीव्रता से जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। 30 जून से 8 अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में 152 लोगों की जान चली गई है। मानसून के प्रभाव ने सरकारी और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिसमें अनुमानित 835 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे पहाड़ी इलाकों में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
विभागीय नुकसान का आकलन
पिछले 10 दिनों में हुई बारिश ने राज्य की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) को सबसे अधिक 615 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जल शक्ति विभाग को भी 199 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का सामना करना पड़ा है। सड़कों, बिजली और पेयजल आपूर्ति जैसी सेवाएं लगातार बारिश के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
सड़कें और ट्रांसफार्मर प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में मानसून के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मंडी जिले में सबसे अधिक 65 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 42 और शिमला में 26 सड़कें भी बाधित हैं। इसके अलावा, 92 बिजली ट्रांसफार्मर और 77 पेयजल योजनाएं भी बारिश से प्रभावित हुई हैं।
भूस्खलन और सड़क हादसे
बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, डूबने और अन्य घटनाओं में 66 लोगों की जान चली गई है। लाहौल-स्पीति में भूस्खलन से 13 लोगों की मौत हुई है। चंबा और कांगड़ा में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा, सड़क दुर्घटनाओं में 86 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें चंबा में सबसे अधिक 15 मौतें दर्ज की गई हैं।
