चातुर्मास: विशेष उपाय और राशियों पर प्रभाव
चातुर्मास का समय विशेष धार्मिक उपायों और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में भगवान विष्णु की पूजा से सुख-शांति प्राप्त होती है। जानें चातुर्मास के दौरान कौन से उपाय करने चाहिए और किन राशियों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
| Jul 25, 2026, 18:58 IST
चातुर्मास का महत्व और उपाय
इस अवधि में विशेष उपायों से सुख और समृद्धि प्राप्त होती है
(नई दिल्ली): आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी है, जिससे देवताओं का शयनकाल शुरू हो गया है। भगवान श्री हरि विष्णु अब योगनिद्रा में हैं। यह समय चातुर्मास कहलाता है, जो चार महीनों तक चलता है।
चातुर्मास का यह समय पूजा-पाठ, स्नान-दान और साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दौरान कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं। आइए, जानते हैं इन उपायों के बारे में।
चातुर्मास में करने योग्य उपाय
- इन चार महीनों में नियमित रूप से भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करें और हर गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
- हर शाम तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं और तुलसी की परिक्रमा करें। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन का भंडार भरा रहता है।
- गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले वस्त्र और बेसन के लड्डू का भोग अर्पित करें। जरूरतमंदों को पीली वस्तुएं दान करने से घर में शुभता आती है।
- चातुर्मास में आने वाली सभी एकादशी पर भगवान विष्णु का व्रत रखें और गंगाजल से अभिषेक करें।
- इन चार महीनों में नियमित रूप से गौ सेवा करें। गाय को रोटी खिलाने और चीटियों को आटा व चीनी देने से पापों का नाश होता है।
इन राशियों पर चातुर्मास का प्रभाव
- मिथुन राशि: इस दौरान मानसिक तनाव बढ़ सकता है। छोटी-छोटी बातों पर चिंता हो सकती है। धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी में निर्णय न लें।
- वृश्चिक राशि: पैसों से जुड़ी समस्याएं आ सकती हैं। खर्चों में वृद्धि हो सकती है। उधारी के लेन-देन में सावधानी बरतें।
- मीन राशि: काम में रुकावट आ सकती है। प्रमोशन में देरी हो सकती है। नए कारोबार या बड़ी खरीदारी से पहले सोच-समझकर निर्णय लें।
