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परमा एकादशी: अधिकमास में भगवान विष्णु की कृपा पाने का विशेष अवसर

परमा एकादशी, जो अधिकमास में आती है, का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करके पुण्य अर्जित करते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत करने से जीवन की समस्याएं हल होती हैं। जानें कब है परमा एकादशी, पारण का समय और भगवान विष्णु की पूजा विधि।
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परमा एकादशी: अधिकमास में भगवान विष्णु की कृपा पाने का विशेष अवसर

परमा एकादशी का महत्व


नई दिल्ली: अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करके पुण्य अर्जित कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम से व्रत करने से जीवन की कई समस्याएं हल होती हैं और भगवान नारायण की कृपा प्राप्त होती है।


परमा एकादशी की तिथि

परमा एकादशी कब है?


परमा एकादशी की तिथि 11 जून को रात 12:57 बजे से आरंभ हो चुकी है और यह रात 10:36 बजे तक रहेगी। इस समय व्रत और पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में आने वाली यह एकादशी अन्य सामान्य एकादशियों की तुलना में अधिक फलदायी मानी जाती है।


पारण का समय

पारण का शुभ समय


परमा एकादशी का पारण 12 जून को किया जाएगा। व्रति सुबह 5:23 से 8:10 बजे के बीच अपना व्रत खोल सकते हैं। इस समय भगवान विष्णु का स्मरण करना और जरूरतमंदों को दान देना भी महत्वपूर्ण माना गया है।


भगवान विष्णु की पूजा विधि

भगवान विष्णु की पूजा कैसे करें?


व्रत के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा के दौरान "ॐ नमो नारायणाय" और "विष्णवे नमः" मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, विष्णु सहस्त्रनाम, भगवद्गीता या अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ भी किया जा सकता है। व्रति अनाज का सेवन नहीं करते, बल्कि फल, दूध और हल्के आहार पर निर्भर रहते हैं, जबकि कुछ लोग निर्जल व्रत भी रखते हैं।


व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान


परमा एकादशी के दिन मन को शांत रखना चाहिए और क्रोध, विवाद तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। दिनभर भगवान की भक्ति, जप और ध्यान में समय बिताना शुभ माना जाता है। साथ ही, दान-पुण्य करने से व्रत का फल और अधिक बढ़ जाता है।


परमा एकादशी का धार्मिक महत्व

परमा एकादशी का धार्मिक महत्व


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परमा एकादशी का व्रत करने से दरिद्रता दूर होती है, धन संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। यह व्रत संतान सुख, यश और सफलता की प्राप्ति में भी सहायक माना जाता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।