Newzfatafatlogo

महाकालेश्वर मंदिर में भव्य भस्म आरती का आयोजन

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आषाढ़ कृष्ण पक्ष तृतीया के अवसर पर भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए। आरती के दौरान मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा। जानें इस अद्भुत धार्मिक आयोजन के बारे में और भी जानकारी।
 | 

महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का अद्भुत दृश्य

उज्जैन: आषाढ़ कृष्ण पक्ष तृतीया के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार को बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। भक्तों ने देर रात से ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए कतार में खड़े होकर इंतजार किया।


शुक्रवार की सुबह भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जब श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, तो पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर में घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दी।


महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल को हरि ओम का जल अर्पित किया गया। बाबा के मस्तक पर श्री राम का नाम और वैष्णव तिलक लगाया गया। भस्म आरती में दिव्य शृंगार किया गया।


महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं ने बीती रात से ही लाइन में खड़े रहकर इंतजार किया।


जानकारी के अनुसार, पहले महाकाल को शमशान की राख अर्पित की जाती थी, लेकिन अब विशेष रूप से कपिला गाय के गोबर और औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार भस्म का उपयोग किया जाता है। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है।


बाबा महाकाल की आरती देश-विदेश में प्रसिद्ध है, जिसे देखने के लिए आम जनता से लेकर बड़ी हस्तियां भी आती हैं। इस दौरान मंदिर के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है।