शारदीय नवरात्रि 2026: पूजा के लिए सही फूलों की जानकारी
शारदीय नवरात्रि 2026 पूजा के फूल:
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि 2026 का पर्व 11 अक्टूबर, रविवार से आरंभ होगा, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। शास्त्रों के अनुसार, देवी के प्रत्येक स्वरूप को उनके पसंदीदा पुष्प अर्पित करने से पूजा का फल शीघ्र मिलता है। साथ ही, कुछ वर्जित फूलों का उपयोग करने से बचना आवश्यक है।
नवरात्रि के नौ दिनों के फूलों की सूची:
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शक्ति साधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि शुरू हो रहा है। इस वर्ष, नवरात्रि का पावन अनुष्ठान 11 अक्टूबर से प्रारंभ होकर नौ दिनों तक चलेगा। श्रद्धालु इन दिनों में भगवती दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा विधिपूर्वक करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी पूजा में ताजे और शुद्ध पुष्पों का अर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
किस दिन कौन-सा फूल अर्पित करें?
पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा में सफेद कनेर का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को वट वृक्ष के फूल या लाल गुड़हल का पुष्प चढ़ाया जाता है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की साधना में कमल का पुष्प या पीले रंग के फूल अर्पित किए जाते हैं।
चौथे दिन मां कुष्मांडा को गुड़हल या चमेली के सुगंधित पुष्प प्रिय हैं। पांचवे दिन मां स्कंदमाता को गेंदा या रातरानी के फूल चढ़ाने का विधान है। छठे दिन मां कात्यायनी को गेंदे के फूल या अन्य पीले पुष्प अर्पित किए जाते हैं।
सातवें दिन मां कालरात्रि को गहरे नीले रंग के फूल जैसे अपराजिता या कृष्णकमल चढ़ाना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। आठवें दिन महागौरी की पूजा में मोगरा या चमेली के श्वेत फूल अर्पित होते हैं। नवमी तिथि पर सिद्धिदात्री मां को चंपा या गुड़हल का फूल चढ़ाने से साधना पूर्ण होती है।
फूल अर्पित करने के नियम:
पूजा के लिए हमेशा शुद्ध जल से सिंचे और ताजे तोड़े गए फूलों का चयन करें। बिना हाथ धोए तोड़े गए, कीड़े लगे, सूखे या जमीन पर गिरे पुष्पों का प्रयोग पूजा में दोष पैदा करता है।
वर्जित फूलों की सूची:
दुर्गा पूजन में वर्जित फूलों का ध्यान रखना आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार, मदार, धतूरा और तगर के फूल मां दुर्गा को अर्पित नहीं करने चाहिए। इसके अलावा, केतकी और जूही के पुष्प भी देवी पूजा में निषिद्ध माने गए हैं। बासी या अशुद्ध पानी से धोए गए फूलों को चढ़ाने से पूजा निष्फल हो जाती है।
