सावन में उपयुक्त आहार: क्या खाएं और क्या न खाएं
सावन का महीना और इसके नियम
सावन का महत्व
सावन हिंदी पंचांग का पांचवां महीना है, जो शिव भक्ति के लिए समर्पित है। इस दौरान, देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। भक्त जलाभिषेक करते हैं, जो इस माह का एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य है।
सात्विक आहार के नियम
इस साल सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। इस दौरान, भक्तों को अपने खान-पान और दिनचर्या में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सावन में साधारण, सात्विक और शुद्ध भोजन का सेवन करना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस माह में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
सावन में उपयुक्त खाद्य पदार्थ
सावन के दौरान व्रत के समय ताजे फल खाना फायदेमंद होता है, क्योंकि ये शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करते हैं। हल्का राजगीरा पराठा दही या चटनी के साथ खा सकते हैं।
साबूदाना, मखाना, अरारोट, और कुट्टू की पूड़ी या हलवा भी खा सकते हैं। दूध, दही, छाछ, पनीर, और घी का सेवन भी किया जा सकता है।
इस माह में बादाम, काजू, किशमिश, और खजूर खाना लाभकारी होता है। नारियल पानी पीना भी फायदेमंद है।
व्रत के दौरान परहेज
सावन में व्रत के दौरान चावल, गेहूं, और दालों का सेवन नहीं करना चाहिए। प्याज, लहसुन, और मूली का भी सेवन वर्जित है।
हल्दी, हींग, और लाल मिर्च का उपयोग न करें। सामान्य नमक और मांसाहार से पूरी तरह बचें।
