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सावन में मंगला गौरी व्रत: तिथियाँ, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

सावन का महीना विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जिसमें मंगला गौरी व्रत का आयोजन किया जाता है। यह व्रत पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए किया जाता है। इस वर्ष चार मंगला गौरी व्रत होंगे, जिनकी तिथियाँ और शुभ मुहूर्त जानकर आप सही समय पर पूजा कर सकते हैं। जानें इस व्रत की विधि और महत्व के बारे में विस्तार से।
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मंगला गौरी व्रत का महत्व


सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत का आयोजन
सावन का महीना आज से शुरू हो चुका है और यह 28 अगस्त को पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। इस महीने में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है, जिसमें जलाभिषेक और रुद्राभिषेक प्रमुख हैं। सावन के सोमवार भी विशेष होते हैं, जिनमें 2026 में 3, 10, 17 और 24 अगस्त को व्रत रखा जाएगा।


हालांकि, सावन का मंगलवार भी महत्वपूर्ण है। इस दिन मंगला गौरी व्रत का आयोजन प्राचीन काल से होता आ रहा है। इस दिन शिव जी और माता पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु की प्राप्ति होती है। इस वर्ष सावन में चार मंगला गौरी व्रत होंगे। आइए जानते हैं इन व्रतों की तिथियाँ, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।


मंगला गौरी व्रत की तिथियाँ

सावन 2026 में मंगला गौरी व्रत की तिथियाँ



  • पहला मंगला गौरी व्रत: 4 अगस्त 2026, मंगलवार

  • दूसरा मंगला गौरी व्रत: 11 अगस्त 2026, मंगलवार

  • तीसरा मंगला गौरी व्रत: 18 अगस्त 2026, मंगलवार

  • चौथा मंगला गौरी व्रत: 25 अगस्त 2026, मंगलवार


पहला मंगला गौरी व्रत का शुभ मुहूर्त

पहला मंगला गौरी व्रत 2026 शुभ मुहूर्त


पहले मंगला गौरी व्रत के दिन तीन शुभ योगों का निर्माण होगा: सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग। ये योग रात 09:54 बजे से अगले दिन 05:45 बजे तक रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:20 से 5:02 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक रहेगा। सामान्य पूजा का समय सुबह 9:06 से दोपहर 2:08 बजे तक रहेगा।


दूसरे और चौथे मंगला गौरी व्रत पर शुभ संयोग

दूसरे और चौथे मंगला गौरी व्रत पर बनेंगे ये शुभ संयोग


दूसरा मंगला गौरी व्रत 11 अगस्त को होगा, जो सावन शिवरात्रि के साथ भी मनाया जाएगा। इस दिन सिद्धि योग का भी संयोग बनेगा। चौथे मंगला गौरी व्रत के दिन 25 अगस्त को भौम प्रदोष का व्रत भी होगा।


मंगला गौरी व्रत पूजा विधि

मंगला गौरी व्रत पूजा विधि



  • मंगला गौरी व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।

  • पूजा स्थल की सफाई करें और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर रखें।

  • भगवान शिव की पूजा करना न भूलें।

  • माता पार्वती को लाल वस्त्र, लाल फूल, सिंदूर, कुमकुम, अक्षत और सुहाग की सामग्री अर्पित करें।

  • फलों और मिठाई का भोग लगाएं।

  • आरती करें और परिवार की खुशियों के लिए प्रार्थना करें।