Newzfatafatlogo

अक्टूबर 2026 में पंचक की तिथियाँ और नियम

अक्टूबर 2026 में पंचक का आरंभ 21 तारीख को होगा और यह 25 तारीख तक चलेगा। इस दौरान कुछ कार्यों पर प्रतिबंध हैं, जैसे दक्षिण दिशा में यात्रा करना और नए फर्नीचर बनवाना। जानें इस पंचक के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
 | 

पंचक की तिथियाँ

अक्टूबर 2026 में पंचक का आरंभ 21 अक्टूबर, बुधवार को सुबह 06:59 बजे होगा और यह 25 अक्टूबर, रविवार को शाम 07:21 बजे तक चलेगा। यह पंचक कुल 4 दिन और 12 घंटे तक प्रभावी रहेगा। बुधवार से शुरू होने के कारण इसे ज्योतिष में दोषमुक्त और सौम्य माना गया है। इस दौरान कुछ कार्यों जैसे दक्षिण दिशा की यात्रा, घर की छत बनवाना और लकड़ी का संग्रह करना वर्जित है।


पंचक का महत्व

पंचक की अवधि को हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है। यह हर महीने लगभग पांच दिनों के लिए प्रभावी होता है। इस बार पंचक का समय 4 दिन और 12 घंटे का होगा। बुधवार के दिन शुरू होने के कारण इसे ज्योतिषीय दृष्टि से सौम्य पंचक का दर्जा दिया गया है।


पंचक के दौरान कार्यों पर प्रतिबंध

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस दिन पंचक की शुरुआत होती है, उसी दिन के आधार पर उसके शुभ या अशुभ फल निर्धारित होते हैं। बुधवार और गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक में अन्य दिनों की तुलना में कड़े प्रतिबंध नहीं होते हैं। इस दौरान सामान्य दैनिक गतिविधियों पर कोई विशेष रोक नहीं होती है।


वर्जित कार्य

पंचक काल के दौरान पांच मुख्य कार्यों को करने से मना किया गया है। पहला, दक्षिण दिशा में यात्रा करना, क्योंकि इसे यमराज की दिशा माना जाता है। दूसरा, लकड़ी या ज्वलनशील सामग्री का संग्रह करना, जिससे अग्नि दुर्घटना का खतरा बढ़ता है। तीसरा, नए फर्नीचर बनवाना या घर की छत बनवाना वर्जित है।


मांगलिक कार्यों के नियम

पंचक के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और मुंडन संस्कार जैसे मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। इस समय नए वस्त्रों और आभूषणों की खरीदारी से भी बचना शुभ माना जाता है। यदि इस अवधि में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो दाह संस्कार सामान्य रीति से नहीं किया जाता।