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अमरनाथ यात्रा 20 दिन पहले रोकी गई, श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता

अमरनाथ यात्रा को लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण 20 दिन पहले रोक दिया गया है। केवल पहले से पहुंचे जत्थों को गुफा तक जाने की अनुमति दी जाएगी। यात्रा का धार्मिक समापन पारंपरिक छड़ी मुबारक कार्यक्रम के साथ होगा। इस वर्ष 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु गुफा के दर्शन कर चुके हैं, लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। जानें इस यात्रा के बारे में और क्या जानकारी है।
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अमरनाथ यात्रा की समयसीमा में बदलाव


श्रीनगर में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण अमरनाथ की पवित्र गुफा की यात्रा को निर्धारित समय से 20 दिन पहले रोक दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अब केवल वे जत्थे जो पहले से वहां पहुंच चुके हैं, उन्हें ही गुफा तक जाने की अनुमति दी जाएगी। नए जत्थों को रवाना नहीं किया जाएगा क्योंकि बारिश के कारण यात्रा मार्ग में खतरा बढ़ गया है। इस वर्ष अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु गुफा के दर्शन कर चुके हैं।


यात्रा रोकने का निर्णय

डिविजनल कमिश्नर कश्मीर, अंशुल गर्ग ने यात्रा रोकने की जानकारी दी। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, 9 अगस्त से यात्रा को रोकने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, यात्रा का धार्मिक समापन पारंपरिक छड़ी मुबारक कार्यक्रम के साथ होगा, जो निर्धारित समय पर आयोजित किया जाएगा।


पवित्र छड़ी का कार्यक्रम

पवित्र छड़ी 28 अगस्त को पारंपरिक पहलगाम मार्ग से अमरनाथ गुफा तक जाएगी, जिससे अमरनाथ यात्रा 2026 का औपचारिक समापन होगा। इस वर्ष 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु गुफा तक पहुंचे, लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। 23 मई को बीएसएफ द्वारा जारी की गई तस्वीर में शिवलिंग का आकार लगभग सात फीट था, जबकि 29 जून को पहली पूजा के दिन हिमलिंग की ऊंचाई पांच फीट से अधिक थी। लेकिन एक सप्ताह बाद, 6 जुलाई को हिमलिंग लगभग 90 प्रतिशत गायब हो गया था और 7 जुलाई को यह पूरी तरह से गायब हो गया। इसके बावजूद यात्रा जारी रही।