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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में दान का महत्व और विशेष वस्तुएं

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पर्व 15 जुलाई से शुरू हो चुका है, जिसमें मां की विशेष पूजा और दान का महत्व है। इस दौरान विभिन्न वस्तुओं का दान करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है। जानें कौन सी वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है और उनका क्या महत्व है।
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गुप्त नवरात्रि का शुभ अवसर


10 महाविद्याओं की साधना और गोपनीय पूजा के लिए अत्यंत शुभ है ये दिन
इस वर्ष आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से आरंभ हो चुकी है और यह 23 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के समय इन महाविद्याओं की साधना और मंत्रों का जाप करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।


यह समय तांत्रिक पूजा के लिए विशेष माना जाता है। गुप्त पूजा के साथ-साथ इस नवरात्रि में दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे देवी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे सभी अधूरी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में दान के महत्व को समझते हैं।


आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में दान करने योग्य वस्तुएं

इन चीजों का करें दान



  • अन्न: गुप्त नवरात्रि के दौरान गेहूं, चावल और जौ का दान करें। यह दान घर में धन-धान्य बढ़ाने में सहायक होता है और आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है।

  • आभूषण: गुप्त नवरात्रि में आभूषणों का दान करने से देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।

  • तिल और गुड़: इनका दान करने से भाग्य जागृत होता है और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है।

  • श्रृंगार की वस्तुएं: सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार की वस्तुएं जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि दान करें। इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

  • दीपदान: मंदिर या धार्मिक स्थान पर दीपदान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

  • धन और वस्त्र: जरूरतमंदों को धन, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करें। इससे भाग्य मजबूत होता है।


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