Newzfatafatlogo

काम के बीच खुद के लिए निकालें 5 मिनट, वाई-ब्रेक से मिलेगी नई ऊर्जा

आज के व्यस्त जीवन में, ऑफिस का काम और जिम्मेदारियों का बोझ अक्सर लोगों की सेहत और मानसिक सुकून पर असर डालता है। दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान यह और भी बढ़ जाता है। ऐसे में, आयुष मंत्रालय ने वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल पेश किया है, जो कर्मचारियों को काम के बीच थोड़ी देर का ब्रेक लेकर योग और प्राणायाम करने की सलाह देता है। यह पहल न केवल तनाव को कम करने में मदद करती है, बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा भी प्रदान करती है। जानें इस प्रोटोकॉल के बारे में और कैसे आप इसे अपने दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।
 | 

काम के दबाव में खुद को तरोताजा करें

मुंबई: आजकल ऑफिस का काम, मीटिंग और डेडलाइन लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। कई बार काम का बोझ इतना बढ़ जाता है कि लोग अपनी सेहत और मानसिक सुकून के लिए भी समय नहीं निकाल पाते। विशेषकर दीपावली जैसे त्योहारों के समय ऑफिस की जिम्मेदारियों के साथ घर की तैयारियों का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में थकान, तनाव और चिड़चिड़ापन महसूस होना सामान्य है।


यदि आप भी लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, तो दिन में कुछ मिनट अपने लिए निकालना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए, आयुष मंत्रालय ने वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल को बढ़ावा दिया है।


आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है कि वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को काम के बीच थोड़ी देर का ब्रेक देकर तनाव से राहत देना, तरोताजा महसूस कराना और ध्यान केंद्रित करने में मदद करना है। इस प्रोटोकॉल में योग के कुछ सरल अभ्यास शामिल हैं, जिन्हें करने के लिए लंबे समय तक काम छोड़ने की आवश्यकता नहीं होती। कुछ मिनट का छोटा ब्रेक लेकर भी इनका अभ्यास किया जा सकता है।


वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल में योग के तीन मुख्य अभ्यास शामिल हैं: आसन, प्राणायाम और ध्यान। आसनों के माध्यम से शरीर को हल्का और सक्रिय रखने में मदद मिलती है। प्राणायाम, यानी सांस लेने से जुड़े अभ्यास, मन को शांत करने और तनाव को कम करने में सहायक होते हैं। ध्यान, या मेडिटेशन, मन को एकाग्र करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करता है।


इस पहल की विशेषता यह है कि योग करने के लिए किसी विशेष योग मैट या स्थान की आवश्यकता नहीं है। जो लोग लंबे समय तक ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, वे अपनी सुविधा के अनुसार योग का अभ्यास कर सकते हैं।