कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शुभारंभ, सीएम धामी ने जत्थे को रवाना किया
उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर यात्रा का आगाज
उत्तराखंड: कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का आयोजन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के पर्यटक आवास गृह से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में 49 श्रद्धालु शामिल हैं। सीएम धामी ने सभी श्रद्धालुओं को भोलेनाथ की पट्टिका और रुद्राक्ष की माला भेंट कर उनकी यात्रा की सफलता की कामना की।
यह यात्रा 5 जुलाई को चंपावत जिले के टनकपुर से प्रारंभ हुई। पहले दल को सीएम धामी ने हरी झंडी दिखाकर आगे बढ़ने के लिए कहा। यह दल टनकपुर से पिथौरागढ़, फिर धारचूला होते हुए लिपुलेख दर्रे से चीन (तिब्बत) स्थित कैलाश मानसरोवर पहुंचेगा, जहां उनकी धार्मिक यात्रा संपन्न होगी।
आस्था, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की इस पावन यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कनेक्टिविटी के सुदृढ़ीकरण से लेकर यात्रा मार्ग पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं अन्य… pic.twitter.com/7HGpzQZoWZ
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 5, 2026
सीएम धामी ने यह भी कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास और समृद्धि का माध्यम है। यह यात्रा सीमांत गांवों की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को देशभर के लोगों से जोड़ती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की खरीदारी कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का आग्रह किया। श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का यह दल 4 जुलाई की शाम को टनकपुर पहुंचा था, जहां उनका स्वागत छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक संध्या के साथ किया गया। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
इस दल में तमिलनाडु के अरुण कुमार डॉक्टर के रूप में शामिल हैं, जबकि राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं। गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा इस यात्रा के सबसे युवा श्रद्धालु हैं। 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ यह पहला दल रवाना हुआ। यह यात्रा लगातार दूसरे साल टनकपुर मार्ग से संचालित की जा रही है।
