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डॉ. रतन सिंह जग्गी की 100वीं जयंती पर स्मृति समारोह का आयोजन

डॉ. रतन सिंह जग्गी की 100वीं जयंती पर पंजाब कला परिषद ने एक भव्य स्मृति समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर पद्म भूषण तरलोचन सिंह को पहले डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति सम्मान से नवाजा गया। समारोह में डॉ. जग्गी के साहित्यिक योगदान की सराहना की गई और उनके ओपन एयर थिएटर का उद्घाटन किया गया। जानें इस विशेष कार्यक्रम के बारे में और भी जानकारी।
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समारोह का आयोजन

— *समाज को जोड़ने में डॉ. रतन सिंह जग्गी की रचनाओं का योगदान: स्पीकर कुलतार सिंह संधवां*


— *ए.आई. के युग में डॉ. जग्गी के कार्यों की कल्पना करना कठिन: तरलोचन सिंह*


— *स्पीकर संधवां ने डॉ. जग्गी ओपन एयर थिएटर का उद्घाटन किया*


चंडीगढ़: पंजाबी, हिंदी और गुरमत साहित्य के प्रसिद्ध विद्वान, पद्मश्री डॉ. रतन सिंह जग्गी की 100वीं जयंती के अवसर पर पंजाब कला परिषद ने आज पंजाब कला भवन में एक स्मृति समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया।


सम्मान और उद्घाटन

इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने पूर्व सांसद और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष पद्म भूषण स. तरलोचन सिंह को पहले डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति सम्मान से नवाजा। इस सम्मान के तहत उन्हें 51,000 रुपये की नकद राशि, शॉल और स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया।


स्पीकर संधवां ने समारोह के दौरान पंजाब कला भवन परिसर में डॉ. रतन सिंह जग्गी ओपन एयर थिएटर और उनकी प्रतिमा का उद्घाटन भी किया।


डॉ. जग्गी का योगदान

मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए, स्पीकर संधवां ने कहा कि हम आज एक ऐसे कर्मयोगी का स्मरण कर रहे हैं, जो वास्तव में युगपुरुष थे। उन्होंने कहा कि डॉ. जग्गी की रचनाओं ने समाज को जोड़ने का कार्य किया और उनकी साहित्यिक विरासत आज भी लोगों को प्रेरित करती है।


सम्मान प्राप्त करने के बाद, पद्म भूषण स. तरलोचन सिंह ने पंजाब कला परिषद और डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. जग्गी के साहित्यिक योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस युग में भी उनके कार्यों की कल्पना करना कठिन है।


भविष्य की योजनाएँ

पंजाब कला परिषद के चेयरमैन स्वर्णजीत सवी ने बताया कि डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति पुरस्कार हर वर्ष 27 जुलाई को प्रदान किया जाएगा। उन्होंने फाउंडेशन का धन्यवाद करते हुए बताया कि इसने कला भवन के ओपन एयर थिएटर का कायाकल्प करने में लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए हैं।


डॉ. अमरजीत सिंह ने ‘पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति में डॉ. जग्गी का योगदान’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. जग्गी ने छह दशकों से अधिक समय तक साहित्य का गहन अध्ययन किया।


समारोह का समापन

समारोह के अंत में, डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन मालविंदर सिंह जग्गी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, चंडीगढ़ के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शब्द-गायन से हुई।


इस अवसर पर विधायक स. गुरदित्त सिंह सेखों, डॉ. जग्गी की धर्मपत्नी डॉ. गुरशरण कौर जग्गी, और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं।