विश्व मानक दिवस 2026: स्वच्छ ऊर्जा और गुणवत्ता पर जोर
बीआईएस का कार्यक्रम: गुणवत्ता और सतत विकास पर चर्चा
चंडीगढ़: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने बुधवार को होटल शिवालिकव्यू में विश्व मानक दिवस 2026 का आयोजन किया। इस वर्ष की थीम थी ‘बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण: सतत विकास लक्ष्य-7, किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा’। कार्यक्रम में गुणवत्ता, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास में मानकों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर उपस्थित रहे। इस अवसर पर चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी और हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रमुख सचिव अमनीत पी. कुमार सहित उद्योग जगत के कई प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद थे।
राजेश नागर ने कहा कि भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने उद्योग से आग्रह किया कि वे गुणवत्ता मानकों को व्यापक रूप से अपनाएं।
महापौर सौरभ जोशी ने शहरी सेवाओं में मानकों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत ढांचे का निर्माण हो सके। अमनीत पी. कुमार ने उपभोक्ताओं और उद्योग में गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात की।
बीआईएस के उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय के वैज्ञानिक-एफ एवं उप महानिदेशक दीपक कुमार सिंगला ने बताया कि मानक गुणवत्ता, सुरक्षा, दक्षता और विश्वास सुनिश्चित करते हैं, और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होते हैं। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के लिए गुणवत्ता की संस्कृति को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में ‘स्वच्छ ऊर्जा एवं सतत निर्मित पर्यावरण को सक्षम बनाने में मानकों की भूमिका’ विषय पर एक तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें गोदरेज इंटेरियो, जिंदल स्टेनलेस, टाटा स्टील, एनआईटीटीटीआर, सीएसआईआर-केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन और बीआईएस के विशेषज्ञों ने ऊर्जा दक्षता, सतत निर्माण सामग्री और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर अपने विचार साझा किए। मानकों के क्रियान्वयन में योगदान देने वाले हितधारकों को सम्मानित भी किया गया।
