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शनिवार के दिन धार्मिक कार्यों और परहेज की मान्यता

शनिवार का दिन शनिदेव और हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन कुछ कार्यों से परहेज करने और पूजा-पाठ करने से शनि की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। जानें इस दिन किन कार्यों से बचना चाहिए और क्या करना शुभ माना जाता है।
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शनिवार का महत्व

शनिवार का दिन विशेष रूप से शनिदेव और हनुमान जी की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ कार्यों से बचने और पूजा-पाठ करने से शनि की कृपा प्राप्त होती है।


क्या शनिवार को बाल और नाखून काटना उचित है?

धार्मिक दृष्टिकोण से, शनिवार को बाल और नाखून काटने से बचने की सलाह दी जाती है। इसे शारीरिक कष्ट और अशुभता से जोड़ा जाता है।


शनिवार को किन वस्तुओं की खरीदारी से बचें?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार को लोहे के सामान, सरसों के तेल, कोयले, नमक, काले जूतों, काले वस्त्रों, झाड़ू, काले तिल, काली उड़द, चमड़े की वस्तुओं, और नुकीले सामान की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है।


शनिवार को किन कार्यों से दूर रहना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार को धन का लेन-देन, नया कर्ज लेना या देना, नए कोर्ट-कचहरी के मामलों की शुरुआत, और किसी नए कार्य का शुभारंभ करना शुभ नहीं माना जाता।


शनिवार को किन वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार को नमक, नुकीली वस्तुएं, पीले रंग की चीजें, सफेद सामान, पुरानी वस्तुएं, प्लास्टिक का सामान, कांच के बर्तन, स्याही, सरसों का तेल, सोना, लाल फूल, तांबे की वस्तुएं और झाड़ू का दान करने से बचने की सलाह दी जाती है।


शनिवार को क्या करना शुभ है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार की शुरुआत शनिदेव और हनुमान जी की पूजा से करनी चाहिए। इसके बाद पीपल के वृक्ष की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।