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सरकार का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'एसएचई-लीप्स' ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 'एसएचई-लीप्स' नामक एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म 6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा। महिलाओं को उद्यम शुरू करने, उसे बढ़ाने और उसकी प्रगति की डिजिटल निगरानी करने की सुविधा मिलेगी। इसके माध्यम से ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा और महिलाओं की आय में वृद्धि की जाएगी। जानें इस प्लेटफॉर्म के बारे में और कैसे यह ग्रामीण विकास में योगदान देगा।
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महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का नया कदम

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'एसएचई-लीप्स' (सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर-लाइवलीहुड्स एंड एंटरप्राइज एप्लीकेशन फॉर प्रॉस्पेरिटी एंड सस्टेनेबिलिटी) देशभर में 6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होगा। यह जानकारी बुधवार को जारी की गई आधिकारिक फैक्टशीट में दी गई।


'एसएचई-लीप्स' एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसे ग्रामीण भारत की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विकसित किया गया है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने उद्यम को शुरू करने, उसे बढ़ाने और उसकी प्रगति की डिजिटल निगरानी करने में सक्षम होंगी। यह मंच महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यम विकास और वित्तीय समावेशन को भी मजबूत करेगा।


सरकार के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म कृषि और गैर-कृषि दोनों प्रकार के ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने का कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में एक मजबूत और टिकाऊ अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।


फैक्टशीट में बताया गया है कि 'एसएचई-लीप्स' 'लखपति दीदी' मिशन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। इसके जरिए महिलाओं की आय में वृद्धि और उनके उद्यमों के प्रदर्शन की एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए आवंटित करने की योजना बनाई है।


इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन 29 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान किया गया था। सम्मेलन का उद्देश्य 'विकसित ग्राम-विकसित भारत' के विजन को वास्तविकता में बदलने के लिए रणनीतियों का निर्माण करना था।


सरकार के अनुसार, 'एसएचई-लीप्स' को देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा। यह संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों को सहयोग प्रदान करेगा।


इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्रामीण उद्यमों से संबंधित रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा, जिससे गांवों की आर्थिक गतिविधियों की बेहतर जानकारी प्राप्त होगी। इससे विभिन्न स्तरों पर निगरानी को भी मजबूती मिलेगी और स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बेहतर नीतियों का निर्माण संभव होगा।


सरकार का मानना है कि 'एसएचई-लीप्स' डिजिटल तकनीक, उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाएगा, बल्कि 'लखपति दीदी' मिशन को पूरे देश में फैलाने के साथ-साथ समावेशी और टिकाऊ ग्रामीण विकास का मजबूत आधार भी प्रदान करेगा।