सावन 2026 में रुद्राभिषेक: जानें विधि और शुभ तिथियां
सावन में रुद्राभिषेक का महत्व
जानें विधि और महत्व
Sawan Rudrabhishek 2026, नई दिल्ली: सावन का महीना हिंदी पंचांग का पांचवां महीना है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान भगवान शिव अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं और उनकी इच्छाओं को पूरा करते हैं।
भगवान शिव को प्रिय रुद्राभिषेक
सावन के महीने में रुद्राभिषेक और जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। धार्मिक ग्रंथों में इनका विशेष महत्व बताया गया है। रुद्राभिषेक भगवान शिव को बहुत प्रिय है।
मान्यता है कि सावन में रुद्राभिषेक करने से सांसारिक कष्ट दूर होते हैं और ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। पूरा सावन रुद्राभिषेक के लिए शुभ है, लेकिन कुछ विशेष तिथियां भी हैं।
सावन 2026 में रुद्राभिषेक के लिए शुभ तिथियां
- प्रतिपदा तिथि- सुखद
- चतुर्थी तिथि- सुखप्रद
- पंचमी तिथि- अभीष्टसिद्धि
- अष्टमी तिथि- सुखप्रद
- एकादशी तिथि- सुखप्रद
- द्वादशी तिथि- अभीष्टसिद्धि
- चतुर्दशी तिथि- शुभयोग
- अमावस्या तिथि- सुखप्रद
- शुक्ल पक्ष में रुद्राभिषेक की तिथियां
- द्वितीया तिथि- सुखप्रद
- पंचमी तिथि- सुखप्रद
- षष्ठी तिथि- अभीष्टसिद्धि
- द्वादशी तिथि- सुखप्रद
- त्रयोदशी तिथि- अभीष्टसिद्धि
रुद्राभिषेक की विधि
यदि आप घर पर रुद्राभिषेक करना चाहते हैं, तो सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल का छिड़काव करें। शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखें और अपना मुंह पूर्व की ओर रखें। श्रृंगी में गंगाजल भरकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और इस दौरान ॐ नम: शिवाय का जाप करें।
शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस, सरसों का तेल, और इत्र चढ़ाएं। इसके बाद चंदन का लेप लगाएं और बेलपत्र, सुपारी, पान, भोग, और अन्य पूजा सामग्री चढ़ाएं। धूप और दीपक जलाकर रखें और महामृत्युंजय मंत्र, शिव तांडव स्तोत्र, या रुद्रामंत्र का जाप करें। अंत में शिवलिंग की विधिपूर्वक आरती करें।
रुद्राभिषेक का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन में रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं। यह कुंडली में ग्रहों के बुरे प्रभाव को समाप्त करता है।
कालसर्प दोष, राहु दोष, शनिदोष, गृहक्लेश, व्यापार में हानि और धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, सुख-समृद्धि बढ़ती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
