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सावन के महीने में विशेष सोमवारी संयोग: जानें महत्व और पूजा विधि

सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा, जिसमें चार सोमवारी पड़ रहे हैं। इस वर्ष तीसरे सोमवारी पर विशेष संयोग बन रहा है, जिसे सबसे शुभ दिन माना जा रहा है। जानें प्रत्येक सोमवारी का महत्व और पूजा विधि, जिससे आप अपने जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि ला सकते हैं।
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सावन का पवित्र महीना और सोमवारी का महत्व

नई दिल्ली - सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। इस वर्ष सावन में चार सोमवारी पड़ रहे हैं, जिनमें से तीसरे सोमवारी पर विशेष संयोग बन रहा है, जिसे पूरे महीने का सबसे शुभ दिन माना जा रहा है।


पहला सोमवारी: 3 अगस्त

3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए शिवालयों में पहुंच रहे हैं। इस दिन सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो आर्थिक परेशानियों और कर्ज से मुक्ति के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।


दूसरा सोमवारी: 10 अगस्त

10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है। इस दिन सोमवारी व्रत के साथ त्रयोदशी तिथि और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।


तीसरा सोमवारी: 17 अगस्त

17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार है। इस दिन 23 वर्षों बाद सावन का सोमवार और नाग पंचमी एक साथ आ रहा है, जिससे 'सोमवती नाग पंचमी' का महासंयोग बन रहा है। इस दिन विशेष अभिषेक करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।


चौथा सोमवारी: 24 अगस्त

24 अगस्त को सावन का चौथा सोमवार है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि का संयोग बन रहा है। यह सावन महीने का अंतिम सोमवार होगा, जिसमें भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है।