सीएम योगी का वृद्धजन सम्मान पर संदेश: 1500 रुपये की पेंशन का ऐलान
वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर मुख्यमंत्री का पत्र
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने वृद्धजनों के प्रति सम्मान को हमारी संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने चिंता जताई कि आजकल घरों में वृद्धजन अकेले होते जा रहे हैं और वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ रही है। इस समस्या को हल करने के लिए, सरकार ने 1,500 रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है।
वृद्धजनों की स्थिति पर चिंता
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा, "आज घरों में वृद्धजन अकेले होते जा रहे हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। हमें यह समझना चाहिए कि जिन लोगों ने अपने जीवन में परिवार और समाज के लिए सब कुछ किया, वे अब अकेले क्यों हैं? आज की जीवनशैली में युवा काम के कारण घर से दूर रहते हैं, जिससे वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने वाला कोई नहीं होता।"
संस्कृति और परंपरा का महत्व
योगी ने कहा, "हमारी सनातन संस्कृति में माता-पिता और गुरु को भगवान के समान माना जाता है। भगवान गणेश ने अपने माता-पिता की परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि माता-पिता के चरणों में ही समस्त लोकों का वास है।" उन्होंने यह भी बताया कि बड़ों का सम्मान केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सभ्यता का प्रतीक है।
सरकार की योजनाएं
सीएम ने आगे कहा, "वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं के लिए सरकार ने 1,500 रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ भी मिलेगा।"
योग का महत्व
उन्होंने वृद्धजनों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के लिए योग को अपनाएं। इस वर्ष 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' है, जो वृद्धजनों के सम्मान और स्वास्थ्य का वैश्विक संकल्प है।
