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हरियाली तीज पर पूजा में गलती होने पर करें ये उपाय

हरियाली तीज विवाहित महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें वे अपने पतियों की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस दिन पूजा के दौरान यदि कोई गलती हो जाए, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। जानें कैसे भगवान शिव और माता पार्वती से क्षमा मांगें, व्रत टूटने पर क्या करें, और सोलह श्रृंगार में कमी होने पर क्या उपाय करें। इस लेख में हम आपको सरल और प्रभावी उपाय बताएंगे, जिससे आपकी पूजा सफल हो सके।
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हरियाली तीज के महत्व और उपाय


हरियाली तीज के उपाय: सावन के महीने में मनाई जाने वाली हरियाली तीज खासकर विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत करती हैं। इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के साथ सोलह श्रृंगार करने की परंपरा भी है। हालांकि, कभी-कभी पूजा के दौरान अनजाने में कुछ गलतियाँ हो जाती हैं, जिससे चिंता होती है कि कहीं व्रत का फल अधूरा न रह जाए। लेकिन ऐसी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है।


भगवान शिव और माता पार्वती से क्षमा मांगें

यदि हरियाली तीज की पूजा में कोई नियम छूट जाए या गलती हो जाए, तो सबसे पहले भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष हाथ जोड़कर क्षमा मांगें। इसके लिए आप निम्नलिखित क्षमा मंत्र का पाठ कर सकती हैं:


आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।
पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरः॥


अपराधशतानि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।
दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥


इसका अर्थ है कि हे प्रभु, मुझे पूजा की विधियों का ज्ञान नहीं है। पूजा के दौरान हुई मेरी गलतियों को क्षमा करें।


व्रत टूटने पर दोबारा संकल्प लें

यदि किसी कारणवश व्रत बीच में टूट जाए, तो चिंता करने के बजाय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष बैठकर अपनी भूल के लिए क्षमा मांगें और श्रद्धा से व्रत का संकल्प दोबारा लें।


सोलह श्रृंगार में कमी होने पर क्या करें

अगर आप सोलह श्रृंगार करना भूल गई हैं, तो माता पार्वती से क्षमा मांगकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार सुहाग की सामग्री अर्पित करें। जैसे सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी और चुनरी आदि।


पूजा सामग्री छूटने पर क्या करें

कभी-कभी जल्दी में पूजा की कोई सामग्री रह जाती है। ऐसी स्थिति में उपलब्ध सामग्री से ही श्रद्धा पूर्वक पूजा करें और भगवान से क्षमा मांगें। हरियाली तीज पर सबसे महत्वपूर्ण है कि पूजा सच्चे मन और श्रद्धा से की जाए। अनजाने में हुई छोटी-छोटी भूलों को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।