15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को BCCI से मिली बड़ी राहत, माता-पिता के साथ करेंगे विदेश दौरा
नई दिल्ली में वैभव सूर्यवंशी की नई उपलब्धि
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को BCCI ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वह आयरलैंड और इंग्लैंड के आगामी व्हाइट-बॉल दौरे पर अपने माता-पिता के साथ यात्रा करेंगे। बोर्ड ने इस बात की पुष्टि की है कि वह इस यात्रा का पूरा खर्च उठाएगा, क्योंकि युवा खिलाड़ी को इन दोनों देशों में कुल सात मैच खेलने हैं।
BCCI सचिव का बयान
BCCI सचिव ने बताई वजह
BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीनियर नेशनल टीम में 14-15 साल के खिलाड़ी का होना एक दुर्लभ घटना है। वैभव जैसा प्रतिभाशाली खिलाड़ी हमें कई वर्षों बाद मिला है।
उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई युवा खिलाड़ी इतनी कम उम्र में सीनियर टीम में शामिल होता है, तो उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। टीम के अन्य सभी खिलाड़ी 18 साल से बड़े हैं और सपोर्ट स्टाफ भी वयस्क हैं। ऐसे माहौल में एक बच्चे को सहज महसूस कराना आवश्यक था, इसलिए माता-पिता को साथ भेजने का निर्णय लिया गया।
सैकिया ने इसे स्कूल ट्रिप के समान बताया। उन्होंने कहा कि जब स्कूल का बच्चा बाहर जाता है, तो उसके साथ कोई सीनियर होता है। वैभव अभी स्कूल से निकला है या अपने अंतिम वर्ष में है। माता-पिता का साथ रहने से वह मानसिक रूप से मजबूत रहेगा और टीम के माहौल में जल्दी ढल पाएगा।
BCCI का वैभव पर विश्वास
भारत के भविष्य का खिलाड़ी मानती है BCCI
BCCI का मानना है कि वैभव आने वाले 20-25 वर्षों तक भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित होगा। बोर्ड ने कहा कि यह निर्णय केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक योजना के तहत लिया गया है।
IPL में लगातार दो सीज़न में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव को इंडिया A टीम में स्थान मिला था। उन्होंने श्रीलंका में आयोजित 50 ओवर की ट्राई-सीरीज़ में देश का प्रतिनिधित्व किया। अब उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 26 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ होगा।
युवा प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का प्रयास
युवा टैलेंट को निखारने की कोशिश
BCCI का यह निर्णय भारत के युवा टैलेंट को संभालने और उन्हें सही माहौल प्रदान करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। बोर्ड चाहता है कि वैभव बिना किसी मानसिक दबाव के अपने खेल का प्रदर्शन कर सके। माता-पिता के साथ रहने से उन्हें घर जैसा माहौल मिलेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
