2025 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा: खेल रत्न का कोई विजेता नहीं
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा
खेल मंत्रालय ने 2025 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की सूची जारी की है। इस बार खेल रत्न के लिए किसी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया है। हालांकि, विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही कई कोचों को भी पुरस्कार मिले हैं।
खेल रत्न की सूची में पहली बार खाली
इस बार की पुरस्कार सूची में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं दिया गया। यह 2014 के बाद पहली बार है, और 1991-92 में शुरू हुए इस सम्मान के इतिहास में ऐसा केवल तीसरी बार हुआ है। हॉकी खिलाड़ी हार्दिक सिंह का नाम पहले खेल रत्न के लिए सुझाया गया था, लेकिन उन्हें अंतिम सूची में स्थान नहीं मिला। ललित उपाध्याय, मनदीप सिंह और विवेक सागर प्रसाद जैसे खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में थे। तीरंदाज ज्योति वेन्नम और क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर को भी संभावित दावेदार माना जा रहा था। खेल रत्न के तहत 25 लाख रुपये, पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित 17 खिलाड़ी
खेल रत्न न मिलने के बावजूद अर्जुन पुरस्कार की सूची में कई प्रमुख नाम शामिल हैं। एथलेटिक्स से तेजस्विन शंकर, मुहम्मद अजमल वी और प्रियंका गोस्वामी को सम्मानित किया गया। बैडमिंटन में ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद, शतरंज में विदित गुजराती और दिव्या देशमुख, तथा हॉकी में लालरेम्सियामी और राजकुमार पाल को चुना गया। शूटिंग में अखिल श्योराण और पैरा शूटिंग में रुद्रांश खंडेलवाल को भी सम्मान मिला। इसके अलावा कबड्डी खिलाड़ी सुरजीत और पूजा, रोवर अरविंद सिंह, बॉक्सर नरेंद्र, पैरा-एथलीट एकता भ्याण और डेफ शूटर धनुष श्रीकांत भी इस सूची में शामिल हैं। पूर्व फुटबॉलर आई. अरुमैनायगम को लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार दिया गया।
द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए पांच कोच
कोचिंग के क्षेत्र में भी इस बार कई लोगों को सम्मानित किया गया है। नियमित श्रेणी में एथलेटिक्स कोच परवीर सिंह, बॉक्सिंग कोच छोटे लाल यादव और शूटिंग कोच नेहा नंदकुमार चव्हाण को द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चुना गया। लाइफटाइम श्रेणी में बॉक्सिंग कोच धर्मेंद्र सिंह यादव और कुश्ती कोच वीरेंद्र कुमार को सम्मान मिला। इसके अलावा, खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में योगदान के लिए पुणे स्थित आर्मी पैरालंपिक नोड को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। इन पुरस्कारों की घोषणा पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई।
