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2026 एशियाई खेलों में भारत का ध्वज थामेंगे मनु भाकर और तजिंदर पाल सिंह तूर

2026 एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में भारत का ध्वज थामने के लिए मनु भाकर और तजिंदर पाल सिंह तूर का चयन किया गया है। मनु भाकर, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीते, और तजिंदर, जो शॉटपुट में दो बार के स्वर्ण विजेता हैं, भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे। इस बार भारतीय खेल दल नए कीर्तिमान स्थापित करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रहा है। जानें इन एथलीटों की उपलब्धियों और एशियाई खेलों की तैयारी के बारे में।
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भारत का नेतृत्व करेंगे दो प्रमुख एथलीट


नई दिल्ली: जापान के आईची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले 2026 एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में भारत के दो प्रमुख खिलाड़ी राष्ट्रीय ध्वज लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे। पेरिस 2024 ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर और शॉटपुट में दो बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता तजिंदर पाल सिंह तूर को इस बार ध्वजवाहक के रूप में चुना गया है। इस घोषणा ने भारतीय खेल प्रेमियों में उत्साह का संचार किया है, क्योंकि ये दोनों एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके हैं।


ध्वजवाहकों की आधिकारिक घोषणा

भारतीय दल के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने मनु भाकर के नाम की घोषणा की, जबकि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने तजिंदर पाल सिंह तूर के नाम की पुष्टि की। ये दोनों खिलाड़ी उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।
दोनों एथलीट आईची-नागोया में भारत के लिए पदक जीतने के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। उनका अनुभव और पूर्व की सफलताएं पूरे दल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।


दो चैंपियनों की चमक

मनु भाकर का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में एक ही संस्करण में दो व्यक्तिगत पदक जीतकर इतिहास रचा। वहीं, तजिंदर पाल सिंह तूर का एशियाई खेलों में दबदबा सभी को ज्ञात है।
उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण पदक जीता और 2022 हांगझू में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। अब उनकी नजरें एशियाई खेलों में तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक हैट्रिक बनाने पर हैं।


भारत का अभियान

एशियाई खेलों का औपचारिक शुभारंभ 19 सितंबर को होगा। हालांकि, कुछ खेलों के मुकाबले मुख्य उद्घाटन से पहले ही शुरू हो चुके हैं, जिनमें भारतीय एथलीटों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। टेकबॉल स्पर्धा में भारत के क्विंसी डिसूजा ऐतिहासिक सफलता के करीब हैं, जहाँ वे इस खेल में देश के लिए पहला पदक जीतने से महज एक जीत दूर हैं। भारतीय खेल दल इस बार हांगझू के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रहा है।


निशानेबाजों की तैयारी

2022 एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीतकर अभूतपूर्व प्रदर्शन किया था, और इस बार भी उन पर उम्मीदों का भारी दबाव है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के हाई परफॉरमेंस निदेशक पियरे ब्यूशां ने खिलाड़ियों की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविरों में सटीकता और तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रतियोगिता के इस अंतिम चरण में खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती और एकाग्रता सबसे महत्वपूर्ण होती है, ताकि वे दबाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।