BCCI ने अंडर-19 क्रिकेटर रोहित यादव पर उम्र में गड़बड़ी के लिए लगाया दो साल का प्रतिबंध
नई दिल्ली में बड़ा कदम
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में उम्र से संबंधित धोखाधड़ी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अंडर-19 टीम के लेग स्पिनर रोहित यादव पर उम्र में गड़बड़ी के आरोप में दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। रोहित हाल ही में जुलाई में श्रीलंका दौरे पर गई भारत U19 टीम का हिस्सा थे, लेकिन अब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली आगामी श्रृंखला से बाहर कर दिया गया है।
जांच में सामने आई गड़बड़ी
उम्र में गड़बड़ी का मामला क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) द्वारा किए गए प्री-सीजन दस्तावेज़ जांच के दौरान उजागर हुआ। जांच में रोहित यादव के दस्तावेज़ों में 27 महीने का अंतर पाया गया, जिसके बाद BCCI ने उन पर तुरंत प्रभाव से दो साल का प्रतिबंध लगाया।
राज्य क्रिकेट संघों को सूचित किया गया
BCCI ने सभी राज्य क्रिकेट संघों को इस निर्णय की जानकारी दे दी है। भारत U19 टीम को सितंबर के अंत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच वनडे और तीन मल्टी डे मुकाबले खेलने हैं, लेकिन रोहित यादव को इन मैचों के लिए टीम से हटा दिया गया है। रोहित ने घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया है।
CAB की कार्रवाई का दायरा
उम्र में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई केवल रोहित यादव तक सीमित नहीं रही। CAB ने इसी तरह के मामलों में 64 अन्य क्रिकेटरों को भी प्रतिबंधित किया है, जिनमें भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के तेज गेंदबाज रवि कुमार का नाम भी शामिल है।
रवि कुमार ने 2022 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के लिए खेला था और इसी साल उन्होंने बंगाल की सीनियर टीम में भी डेब्यू किया था। हालांकि, उन्होंने 2023 के बाद कोई मुकाबला नहीं खेला है। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी उम्र से जुड़ी विसंगति 40 महीने तक की बताई गई है।
इस कार्रवाई के तहत रवि कुमार के डेब्यू से लेकर 2025-26 सीजन तक के सभी रिकॉर्ड अमान्य कर दिए गए हैं। उम्र से संबंधित दस्तावेज़ों में गड़बड़ी मिलने के कारण उनके घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड पर भी इसका असर पड़ा है।
BCCI की सख्त नीति
BCCI पिछले कुछ वर्षों से क्रिकेट में उम्र छिपाने या गलत दस्तावेज़ों के उपयोग के मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रयासरत है। 2020 में, बोर्ड ने उम्र संबंधी गड़बड़ी को उजागर करने के लिए एक एमनेस्टी योजना भी शुरू की थी।
इस योजना के तहत खिलाड़ियों को अपनी उम्र से जुड़ी गलतियों को स्वयं उजागर करने का अवसर दिया गया था। जो खिलाड़ी स्वयं जानकारी देते थे, उन्हें कुछ परिस्थितियों में निलंबन से बचने का मौका मिल सकता था। वहीं, जांच में उम्र संबंधी गड़बड़ी पकड़े जाने पर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया था।
अब अंडर-19 स्तर पर उम्र सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक सख्त किया गया है। खिलाड़ियों को जन्म प्रमाण पत्र के साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज़ जमा करने होते हैं। BCCI और राज्य क्रिकेट संघों की इस सख्ती का उद्देश्य कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट के अवसरों में उम्र संबंधी धोखाधड़ी को रोकना है।
