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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीवी सिंधु का सफर समाप्त

दिल्ली में चल रही BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीवी सिंधु का सफर राउंड ऑफ 16 में समाप्त हो गया। उन्हें वर्ल्ड नंबर 2 वांग झी यी ने हराया, जिससे भारत की सिंगल्स चुनौती भी खत्म हो गई। इस मुकाबले में सिंधु ने 88 मिनट तक संघर्ष किया, लेकिन अंत में हार गईं। जानें इस मैच की पूरी कहानी और सिंधु के शानदार रिकॉर्ड के टूटने के बारे में।
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दिल्ली में सिंधु की चुनौती का अंत


दिल्ली में आयोजित BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीवी सिंधु का सफर राउंड ऑफ 16 में समाप्त हो गया। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु को वर्ल्ड नंबर 2 वांग झी यी ने तीन गेम के मुकाबले में हराया। इस हार के साथ भारत की सिंगल्स चुनौती भी समाप्त हो गई।


88 मिनट तक चला कड़ा मुकाबला

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच सिंधु ने वांग झी यी को कड़ी टक्कर दी। चीनी खिलाड़ी ने पहला गेम 21-11 से जीतकर बढ़त बनाई। सिंधु ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-15 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां देखने को मिलीं और सिंधु ने अंत तक हार नहीं मानी। हालांकि, वांग ने 21-17 से तीसरा गेम जीतकर 88 मिनट चले मुकाबले को अपने नाम कर लिया। वांग को मैच के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव की परेशानी भी हुई, लेकिन उन्होंने खेल जारी रखा और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।


सिंधु का शानदार रिकॉर्ड टूटा


इस हार के साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ सिंधु का बेहतरीन रिकॉर्ड भी टूट गया। इससे पहले उन्होंने इस स्तर पर चीन की खिलाड़ियों के खिलाफ सभी आठ मुकाबले जीते थे। सिंधु इस बार अपने मेडल कलेक्शन में छठा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जोड़ने की कोशिश में थी। घरेलू दर्शकों के सामने जीत उनके लिए खास उपलब्धि होती। निर्णायक गेम में वांग ने बेहतर खेल दिखाया। 31 साल की सिंधु ने पूरे मुकाबले में अपनी फिटनेस, तेज रिकवरी और अनुभव का इस्तेमाल किया। हालांकि नतीजा उनके पक्ष में नहीं रहा लेकिन उनका संघर्ष जरूर देखने को मिला।


भारत का सिंगल्स अभियान समाप्त

सिंधु के बाहर होने के साथ ही दिल्ली में हो रही वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की सिंगल्स चुनौती समाप्त हो गई। इससे पहले बुधवार को उन्नति हुड्डा और लक्ष्य सेन भी दूसरे दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। पुरुष सिंगल्स में आयुष शेट्टी को अल्वी फरहान ने प्री-क्वार्टर फाइनल में हराया था। ऐसे में घरेलू दर्शकों को भारत के सिंगल्स खिलाड़ियों से आगे बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। सिंधु की हार के बावजूद उनका 88 मिनट तक चला संघर्ष इस बात का संकेत रहा कि वह बड़े मुकाबलों के लिए अभी भी पूरी तरह तैयार हैं और अनुभव के दम पर मजबूत चुनौती देने की क्षमता रखती हैं।