अजिंक्य रहाणे ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह, टेस्ट क्रिकेट में जल्दबाजी न करें
रहाणे का संन्यास और युवा खिलाड़ियों पर विचार
अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। उन्होंने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि केवल दो आईपीएल सीज़न के प्रदर्शन के आधार पर किसी युवा खिलाड़ी पर अत्यधिक दबाव नहीं डालना चाहिए। इसके अलावा, टेस्ट क्रिकेट में खेलने के लिए जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है। राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना और आईपीएल में खेलना दो अलग-अलग अनुभव हैं।
वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल सफर
वैभव सूर्यवंशी ने 2025 के आईपीएल में अपनी तेज बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। 2026 के आईपीएल में, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए सबसे अधिक रन बनाकर 'ओरेंज कैप' जीती, जिसमें उन्होंने कुल 776 रन बनाए। इसके बाद, आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैचों के लिए भारतीय टीम में शामिल होकर वह सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने।
इंग्लैंड के खिलाफ पहले अंतरराष्ट्रीय मैच का अनुभव
वैभव ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में टी20 मैच से की। इंग्लैंड में उनका यह पहला दौरा चुनौतीपूर्ण रहा, जहां उन्होंने तीन मैचों में क्रमशः 14, 13 और 15 रन बनाए। भारत के मुकाबले इंग्लैंड की तेज पिचों पर तेज गेंदबाजों का सामना करना उनके लिए कठिन था।
जिम्बाब्वे दौरे पर प्रदर्शन
इसके बाद, वैभव जिम्बाब्वे दौरे पर गए, जहां उन्होंने पहले मैच में 50, दूसरे में 20 और अंतिम मैच में 81 रन बनाए। उनके पहले छह अंतरराष्ट्रीय मैचों में स्कोर इस प्रकार रहे: 14, 13, 15, 50, 20 और 81।
रहाणे की सलाह
इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के दौरे के बाद, यह सवाल उठने लगा कि क्या वैभव को जल्द ही भारत की टेस्ट टीम में शामिल किया जाना चाहिए। इस पर अजिंक्य रहाणे ने 'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में अपनी राय व्यक्त की। रहाणे ने कहा कि यह बताना अभी मुश्किल है कि वैभव टेस्ट क्रिकेट खेलेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि वह इस युवा खिलाड़ी पर कोई दबाव नहीं डालना चाहते, क्योंकि उसने केवल दो आईपीएल खेले हैं।
रहाणे ने यह भी स्पष्ट किया कि आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत अंतर है। जब आप अपने देश के लिए खेलते हैं, तो दबाव अधिक होता है। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि आईपीएल के शुरुआती ओवरों में रन बनाना आसान लग सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैच में स्थिति को संभालना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने सलाह दी कि वैभव को शांत रहने दिया जाए और अपने स्वाभाविक खेल को खेलने दिया जाए।
