जसप्रीत बुमराह की चोट से प्रभावित टेस्ट करियर: 31 मैचों का हुआ नुकसान
बुमराह की अनुपस्थिति से प्रभावित भारतीय टीम
भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर जसप्रीत बुमराह के बिना टेस्ट सीरीज में उतरेगी। बुमराह घुटने की चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर हो गए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की मेडिकल टीम को उम्मीद थी कि वह दूसरे टेस्ट के लिए फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी चोट गंभीर है। इस स्थिति में, जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को उनकी जगह टीम में शामिल किया गया है।
बुमराह का टेस्ट करियर और चोटों का प्रभाव
बुमराह ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकलौते टेस्ट में भी भाग नहीं लिया था। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के बाद आयोजित इस मैच में उन्हें आराम दिया गया था। उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए, उन्हें कई टेस्ट मैचों से आराम दिया गया है। आइए जानते हैं कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू के बाद से कितने मैच मिस किए हैं।
पहले दो साल में 10 टेस्ट मैचों की अनुपस्थिति
बुमराह ने 2018 में साउथ अफ्रीका दौरे पर अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उन्होंने 14 विकेट लिए। पहले दो वर्षों में, उन्होंने 10 टेस्ट मैच मिस किए। जून 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टेस्ट से उन्हें आराम दिया गया था। अंगूठे की चोट के कारण, वह इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में नहीं खेल पाए। इसके बाद, उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज से भी आराम दिया गया।
बुमराह की चोटों का सिलसिला
2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट में फील्डिंग के दौरान बुमराह को चोट लगी, जिसके कारण वह चौथे टेस्ट में नहीं खेल सके। इसके बाद, इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट से भी उन्हें आराम दिया गया। बुमराह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भी भाग नहीं लिया।
सर्जरी और टेस्ट मैचों की अनुपस्थिति
बुमराह ने बर्मिंघम टेस्ट में कप्तान के रूप में डेब्यू किया, लेकिन पीठ की चोट के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। मार्च 2023 में उनकी पीठ की सर्जरी हुई, और उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप के बाद दिसंबर में टेस्ट मैच खेला। इस दौरान, उन्होंने 9 टेस्ट मैच मिस किए।
बुमराह की चोटों की टाइमलाइन
- जून-अक्टूबर 2018 - 5 टेस्ट मिस किए (अंगूठे की चोट)
- अक्टूबर-नवंबर 2019 - 5 टेस्ट मिस किए (स्ट्रेस फ्रैक्चर)
- 2021 - 5 टेस्ट मिस किए (पेट की मांसपेशियों में खिंचाव)
- दिसंबर 2022-जुलाई 2023 - 9 टेस्ट मिस किए (स्ट्रेस फ्रैक्चर)
- फरवरी 2024-जुलाई 2025 - 4 टेस्ट मिस किए (वर्कलोड मैनेजमेंट)
- जून-अगस्त 2026 - 3 टेस्ट मिस किए (बाएं घुटने की समस्या)
