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भारतीय क्रिकेट टीम की हार: संजय मांजरेकर का गौतम गंभीर का समर्थन

भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ T20 श्रृंखला में हार का सामना किया, जिससे उनकी नंबर 1 रैंकिंग चली गई। इस हार के बाद, गौतम गंभीर को कोच के पद से हटाने की मांग उठ रही है। पूर्व खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि असली समस्या आईपीएल की पिचों की है, जो बल्लेबाजों को विदेशी पिचों पर असफल बना रही हैं। मांजरेकर ने चयनकर्ताओं से ऐसे खिलाड़ियों को चुनने की अपील की है जो कठिन परिस्थितियों में भी प्रदर्शन कर सकें।
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भारतीय टीम की हालिया हार

भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ 2-0 और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से T20 श्रृंखला में हार का सामना किया। इस निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारत ने अपनी नंबर 1 T20 रैंकिंग खो दी है, जबकि इंग्लैंड अब शीर्ष पर है। इस हार के बाद, गौतम गंभीर को कोच के पद से हटाने की मांग उठ रही है, और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर भी दबाव बढ़ रहा है। पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने गंभीर का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्हें या कप्तान श्रेयस अय्यर को हटाना आसान होगा, लेकिन असली सुधार के लिए उन लोगों को निकालना चाहिए जिन्होंने आईपीएल की पिचों को इतना आसान बना दिया है कि हमारे बल्लेबाज विदेशी पिचों पर असफल हो रहे हैं।


श्रेयस अय्यर की कप्तानी में निराशा

जब श्रेयस अय्यर को T20 टीम का नया कप्तान बनाया गया, तब सभी को उम्मीद थी कि टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। लेकिन पिछले 7 मैचों में से भारत ने 6 मैच हार दिए हैं। आयरलैंड ने भारत को 2-0 से हराया, और इंग्लैंड ने 5 मैचों की श्रृंखला में 4-0 से जीत हासिल की। इस दौरान, भारतीय बल्लेबाजों ने रन बनाने में कठिनाई का सामना किया, और टीम केवल एक बार 200 से अधिक रन बना पाई। यह तब हुआ जब भारत को 5वें मैच में 258 रनों का बड़ा लक्ष्य मिला। इसके अलावा, कोच गंभीर पर यह भी आरोप है कि उनका व्यवहार वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के साथ पेशेवर नहीं था।


संजय मांजरेकर का विचार

संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, 'गौतम गंभीर को कोच पद से हटाना और कप्तान को बदलना सबसे आसान उपाय होगा। लेकिन अगर भारत को अपनी गलतियों को सुधारना है, तो उन्हें हार की असली वजह को समझना होगा। हमारी टीम विदेश में खेलने के लिए तैयार नहीं थी क्योंकि चयनकर्ताओं ने खिलाड़ियों को उनके आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर चुना।'


आईपीएल के प्रभाव पर सवाल

मांजरेकर ने आईपीएल के प्रभाव पर सवाल उठाते हुए कहा, 'पिछले 4-5 वर्षों में आईपीएल ने भारतीय बल्लेबाजों के खेल में एक नकली चमक पैदा कर दी है। आईपीएल की पिचें इतनी आसान होती हैं कि बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट्स खेलते हैं। जब गेंद थोड़ी भी घूमती है या स्विंग होती है, तो हमारे बल्लेबाजों को समझ नहीं आता कि कैसे खेलें। इस कारण चयनकर्ता असली और अच्छे खिलाड़ियों को पहचान नहीं पाते।'


BCCI को सलाह

मांजरेकर ने BCCI को सलाह दी कि उन्हें इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'BCCI को उन लोगों को निकाल देना चाहिए जो आईपीएल को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए पिचों को सपाट करने की सलाह देते हैं। इन पिचों पर हर मैच में 200 या 250 से अधिक रन बनते हैं, जिससे दर्शकों की संख्या बढ़ती है, लेकिन इसका बड़ा नुकसान तब होता है जब खिलाड़ी विदेशी पिचों पर खेलते हैं।'


भविष्य की चुनौतियाँ

मांजरेकर ने कहा कि चयनकर्ताओं को ऐसे खिलाड़ियों को चुनना चाहिए जो कठिन पिचों पर भी रन बना सकें। शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों में यह क्षमता है कि वे आयरलैंड, इंग्लैंड या किसी भी देश में अच्छी T20 बैटिंग कर सकें। इसमें गलती गौतम गंभीर की नहीं है, बल्कि हमारे सिस्टम की है जो खिलाड़ियों को आसान पिचों पर खेलने की आदत डाल रहा है। अगले T20 वर्ल्ड कप का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में होगा, जहां की पिचें बिल्कुल अलग और चुनौतीपूर्ण होंगी।