संजू सैमसन की शानदार पारी ने टीम इंडिया को दिलाई जीत
संजू सैमसन की विस्फोटक पारी
भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर संजू सैमसन ने मंगलवार (15 सितंबर) को अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 22 गेंदों में 57 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 4 छक्के लगाए। भारत ने यह मैच 7 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। संजू की यह पारी तब आई है जब उनकी ओपनिंग स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे थे।
आलोचना का सामना
मैच के बाद संजू ने स्वीकार किया कि लगातार आलोचना का उन पर असर होता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह अब इतने अनुभवी हो गए हैं कि इस स्थिति से निपटने का तरीका जान चुके हैं। उन्होंने बताया कि बाहरी शोर के बीच अपने माइंडसेट को स्पष्ट रखना आवश्यक है। संजू ने वैभव सूर्यवंशी और टीम प्रबंधन के निर्णयों पर भी चर्चा की।
संजू का दर्द
संजू का छलका दर्द
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था, लेकिन आयरलैंड दौरे पर दो मैचों में असफल रहने के बाद उनकी आलोचना शुरू हो गई। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, जिसके बाद उन्हें प्लेइंग-XI से बाहर कर दिया गया। संजू ने कहा कि वह बाहरी शोर से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन कभी-कभी सीनियर खिलाड़ियों की टिप्पणियाँ उनके सामने आ जाती हैं। उन्होंने कहा, 'मैं Wi-Fi बंद रखने की कोशिश करता हूं, लेकिन कभी-कभी यह चालू हो जाता है और टिप्पणियाँ दिख जाती हैं।'
संजू की मानसिकता
संजू ने कहा कि वह अब मैच्योर हो चुके हैं और इन चीजों को संभाल सकते हैं, लेकिन बाहरी शोर का उन पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा, 'मैं मशीन नहीं हूं। मैं रोबोट नहीं हूं। आप थोड़ा प्रभावित तो होते ही हैं, लेकिन फिर आप खुद से बात करते हैं और याद दिलाते हैं कि आप कौन हैं और आपको क्या करना है।'
वैभव सूर्यवंशी की चुनौती
वैभव सूर्यवंशी को लेकर ये बोले संजू
संजू को ओपनिंग स्लॉट में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। 15 वर्षीय वैभव ने IPL 2026 में 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें टीम इंडिया में शामिल किया गया। वैभव ने इंग्लैंड दौरे पर संजू को प्लेइंग-XI में रिप्लेस किया था।
टीम के लिए कठिन निर्णय
कठिन फैसले लेना आसान नहीं - संजू
संजू ने लीडरशिप ग्रुप और विशेष रूप से हेड कोच गौतम गंभीर की सराहना करते हुए कहा, 'इन सभी चीजों में संवाद बहुत महत्वपूर्ण है। इस सीरीज के दौरान भी बातचीत हुई है और इससे पहले भी काफी चर्चा हुई थी।'
उन्होंने आगे कहा, 'कठिन निर्णय लेना आसान नहीं होता। सामान्य निर्णय लेना आम बात है, लेकिन लीडरशिप ग्रुप के लिए कठिन निर्णय लेना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि उन्हें टीम के हितों का ध्यान रखना होता है।'
