FIFA World Cup 2026: ट्रंप की भूमिका से विवाद में नया मोड़
FIFA विश्व कप 2026 में नया विवाद
FIFA विश्व कप 2026 में एक नया विवाद उभरा है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। दरअसल, अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ मैच में 64वें मिनट में रेड कार्ड दिखाया गया। इस कारण वह अगले मैच से बाहर होने वाले थे, लेकिन ट्रंप की दखलंदाजी ने स्थिति को बदल दिया।
रेड कार्ड के बाद अचानक बदला फैसला
अमेरिका ने राउंड ऑफ 32 में बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इस मैच में बालोगुन ने 45वें मिनट में गोल किया, लेकिन खेल के दौरान उनका पैर बोस्निया के डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच के टखने पर लग गया। रेफरी ने पहले कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन VAR की सलाह पर उन्होंने वीडियो देखकर बालोगुन को रेड कार्ड दिखा दिया। दो दिन बाद, फीफा ने इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि बालोगुन अगले मैच में नहीं खेल पाएंगे। लेकिन रविवार को अचानक फीफा ने घोषणा की कि बालोगुन बेल्जियम के खिलाफ खेल सकते हैं। हालांकि, उनका रेड कार्ड एक साल तक उनके रिकॉर्ड में रहेगा।
ट्रंप का नाम कैसे जुड़ा?
इस फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एंट्री पर चर्चा हो रही है। कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने फीफा अधिकारियों से लगातार संपर्क किया और बालोगुन पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की। हालांकि, फीफा और व्हाइट हाउस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फीफा ने सही निर्णय लिया है। फीफा ने अनुशासनात्मक नियमों के आर्टिकल 27 का उपयोग किया, जिसके तहत विशेष परिस्थितियों में सजा को रोका जा सकता है।
बेल्जियम की नाराजगी
फीफा के इस निर्णय से बेल्जियम फुटबॉल संघ ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि सभी टीमों को पहले ही बताया गया था कि सीधे रेड कार्ड मिलने पर अगले मैच से स्वतः निलंबन होगा। ऐसे में नियमों की अलग व्याख्या खेल की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। बेल्जियम अब कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह मामला केवल बालोगुन तक सीमित नहीं रहेगा।
