अनाहत सिंह बनीं पहली भारतीय विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियन
अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत
भारत की 18 वर्षीय स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उन्होंने विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स फाइनल में मिस्र की रुकय्या सलेम को हराकर देश की पहली विश्व जूनियर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।
अनाहत ने यह मैच 11-3, 11-7, 11-9 के स्कोर से जीता। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, और अनाहत अब तक की सबसे प्रतिभाशाली युवा स्क्वाश खिलाड़ियों में से एक मानी जा रही हैं। पिछले वर्ष, उन्होंने इसी प्रतियोगिता में सेमीफाइनल तक पहुंचकर कांस्य पदक जीता था।
कैसे जीतीं अनाहत ने खिताब?
अनाहत सिंह ने इस बार पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन किया और खिताब अपने नाम किया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मिस्र की हबीबा रिज्क को हराया और सेमीफाइनल में दूसरी मिस्री खिलाड़ी को 3-1 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल में उनका दबदबा
फाइनल मुकाबले में अनाहत ने पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखा। पहले गेम में उन्होंने 11-3 से बड़ी जीत हासिल की। दूसरे गेम में उन्होंने 11-7 और तीसरे गेम में 11-9 से मैच अपने नाम किया।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी अनाहत को बधाई दी और सोशल मीडिया पर लिखा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। अनाहत अब भारतीय स्क्वाश की सबसे बड़ी उम्मीद बन गई हैं।
अनाहत सिंह: एक परिचय
अनाहत दुनिया की टॉप-20 स्क्वाश खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने इस वर्ष कई प्रमुख टूर्नामेंट जीते हैं और एशियन गेम्स में भी पदक जीते हैं। अनाहत ने कहा कि यह विश्व जूनियर चैंपियनशिप उनका अंतिम जूनियर टूर्नामेंट होगा। अब वह पूरी तरह से सीनियर सर्किट में प्रवेश कर चुकी हैं।
पिछले साल इसी टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीतने वाली अनाहत ने इस बार उस पदक का रंग बदलने का लक्ष्य रखा था, और उन्होंने इसे शानदार तरीके से पूरा किया। केवल 14 वर्ष की आयु में, उन्होंने 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 16 वर्ष की आयु में एशियन गेम्स में भी पदक जीते। अब जब स्क्वाश ओलंपिक खेलों में शामिल हो गया है, तो अनाहत दबाव में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। उनकी इस जीत से भारत का स्क्वाश खेल और मजबूत होता दिख रहा है, खासकर 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में जहां अनाहत से बड़ी उम्मीदें हैं।
