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ईरान के कोच ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कठिनाइयों पर जताई नाराजगी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद, ईरान के कोच अमीर घालेनोई ने अपनी टीम की कठिनाइयों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को निरंतर यात्रा और वीजा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी तैयारियों पर बुरा असर पड़ा है। ईरान का अगला मुकाबला मिस्र से है, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण मैच होगा। घालेनोई ने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना की और आगामी मुकाबले के लिए उनकी रिकवरी की आवश्यकता पर जोर दिया।
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ईरान के कोच ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कठिनाइयों पर जताई नाराजगी

ईरान के कोच की चिंताएं

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद, ईरान के मुख्य कोच अमीर घालेनोई ने टूर्नामेंट की व्यवस्थाओं और अपनी टीम की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ईरानी टीम बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में वर्ल्ड कप में भाग ले रही है, जहां खिलाड़ियों को निरंतर यात्रा और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, टीम को आराम करने का भी समय नहीं मिल रहा है।


चुनौतियों का सामना

बेल्जियम के खिलाफ मैच के बाद, घालेनोई ने कहा कि पिछले छह महीनों में उनकी टीम ने ऐसी चुनौतियों का सामना किया है, जिसकी कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनका देश युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा था, जिसके कारण घरेलू फुटबॉल लीग भी बंद करनी पड़ी थी। ऐसे में टीम को दूसरे देशों में मैच खेलने के लिए लगभग 40 घंटे सड़क यात्रा करनी पड़ी।


टीम की तैयारियों पर असर

ईरानी कोच के अनुसार, वीजा संबंधी समस्याएं और निरंतर यात्रा ने टीम की तैयारियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी लगातार यात्रा कर रहे हैं और उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है। उनका मानना है कि इतनी कठिन परिस्थितियों में किसी भी टीम के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को हासिल करना आसान नहीं होता।


मिस्र के खिलाफ निर्णायक मुकाबला

मिस्र के खिलाफ मुकाबला होगा निर्णायक


ईरान का अगला मुकाबला मिस्र से है, जिसे टीम के लिए एक महत्वपूर्ण मैच माना जा रहा है। घालेनोई ने कहा कि मिस्र के पास भी बेल्जियम की तरह उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं और उनकी टीम को इस मैच से पहले खिलाड़ियों की रिकवरी की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शायद ही कोई अन्य टीम इतनी कम समय में लगातार लंबी यात्राएं करती हो।


खिलाड़ियों की सराहना

खिलाड़ियों के जज्बे को कोच ने सराहा


इन सभी कठिनाइयों के बावजूद, ईरानी कोच ने अपनी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाड़ी पूरे मन से मैदान में उतर रहे हैं और इतिहास उनके बलिदान को याद रखेगा। बेल्जियम के खिलाफ 0-0 का ड्रॉ एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद की भी सराहना की, जिन्होंने सात शानदार बचाव करते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। अब सभी की नजरें मिस्र के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले पर हैं, जहां ईरान नॉकआउट में जगह बनाने के इरादे से उतरेगा।