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भारतीय हॉकी की नई जर्सी पर विवाद: केसरिया रंग का चयन

भारतीय हॉकी की नई जर्सी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें केसरिया रंग की जर्सी को लेकर प्रशंसकों और पूर्व कप्तान विरन रासक्विन्हा ने सवाल उठाए हैं। हॉकी इंडिया ने इस बदलाव का बचाव करते हुए कहा है कि यह निर्णय टीम के सभी सदस्यों की सहमति से लिया गया था। जानें इस विवाद के पीछे की वजह और वर्ल्ड कप में भारत की स्थिति।
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नई जर्सी का विवाद

भारतीय हॉकी की नई जर्सी को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। हॉकी इंडिया ने पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप से पहले राष्ट्रीय टीम की नई जर्सी का अनावरण किया है। इस बार टीम की पारंपरिक नीली जर्सी के स्थान पर केसरिया रंग की जर्सी पेश की गई है। जैसे ही नई जर्सी का खुलासा हुआ, सोशल मीडिया पर इस पर बहस शुरू हो गई। कई प्रशंसकों ने इसे भारतीय हॉकी की पहचान से भिन्न बताया, जबकि पूर्व हॉकी कप्तान विरन रासक्विन्हा ने भी इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं.


वर्ल्ड कप की तारीखें

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित होगा, जबकि महिला वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक चलेगा। ऐसे में जर्सी के रंग में बदलाव टूर्नामेंट से पहले चर्चा का विषय बन गया है। विरन रासक्विन्हा का कहना है कि भारतीय हॉकी टीम की पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है और प्रशंसक भी उसी रंग में टीम को देखना पसंद करते हैं.


पूर्व कप्तान का बयान


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व कप्तान वीरन रासक्विन्हा ने कहा, 'हॉकी इंडिया ने कई सकारात्मक कदम उठाए हैं, लेकिन यह निर्णय बेहद निराशाजनक है। भारतीय हॉकी टीम की पहचान और विरासत हमेशा नीली जर्सी रही है। मैंने गर्व के साथ नीली जर्सी पहनकर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। प्रशंसक अपनी टीम को नीली जर्सी में देखना चाहते हैं। आखिरकार, ऑरेंज जर्सी पहनाने का क्या कारण है?'



हॉकी इंडिया का स्पष्टीकरण

इस विवाद के बढ़ने के बाद, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने इस निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जर्सी के रंग में बदलाव का सुझाव केवल एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि टीम के कोच, सपोर्ट स्टाफ, कप्तानों और खिलाड़ियों ने मिलकर इसे तय किया। तिर्की ने बताया कि आजकल हॉकी टर्फ का रंग भी नीला होता है, जिससे खिलाड़ियों को पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, खिलाड़ियों ने पीले और केसरिया रंग का सुझाव दिया, जिसमें अंततः केसरिया रंग को चुना गया।


उन्होंने यह भी कहा कि केसरिया रंग हमारे तिरंगे के तीन रंगों में से एक है। यदि भविष्य में खिलाड़ियों को यह रंग पसंद नहीं आता या किसी अन्य रंग की आवश्यकता महसूस होती है, तो जर्सी का रंग फिर से बदला जा सकता है।


भारत का वर्ल्ड कप में स्थान

मेंस वर्ल्ड कप में भारत को पूल-डी में इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान के साथ रखा गया है। भारत ने 1975 में पाकिस्तान को हराकर अपना एकमात्र हॉकी वर्ल्ड कप जीता था। वर्ल्ड कप 2023 में भारतीय टीम 9वें स्थान पर रही थी, लेकिन इस बार लगातार दो ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल, एशिया कप और एशियन चैंपियंस टॉफी की सफलता के बाद टीम बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। वहीं, भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी, जिसके बाद उसका सामना दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड से होगा.