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ICC ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए नया फॉर्मेट घोषित किया

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए एक नया फॉर्मेट पेश किया है, जिसमें 14 टीमें भाग लेंगी। इस टूर्नामेंट का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। नए फॉर्मेट के तहत, पहले चरण में 'सुपर सीरीज' मुकाबले होंगे, जिसके बाद 'सुपर 7' राउंड-रॉबिन खेला जाएगा। इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बार मुकाबला होने की संभावना है। जानें इस रोमांचक टूर्नामेंट के बारे में और अधिक जानकारी।
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नई दिल्ली में ICC का ऐलान


इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 में होने वाले मेन्स वनडे विश्व कप के लिए एक नया टूर्नामेंट फॉर्मेट पेश किया है। यह प्रतियोगिता दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 14 टीमें भाग लेंगी। इस टूर्नामेंट की शुरुआत में लगभग 15 महीने का समय शेष है, और ICC ने इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।


14 टीमों का टूर्नामेंट

2027 विश्व कप में 14 टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी, जबकि पिछले 2019 और 2023 विश्व कप में केवल 10 टीमें शामिल थीं। 2003, 2011 और 2015 के संस्करणों में भी 14-14 टीमें खेल चुकी हैं।


सुपर सीरीज का प्रारंभिक मुकाबला

ICC ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए नया फॉर्मेट घोषित किया


टूर्नामेंट के पहले चरण में, ICC रैंकिंग में 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली टीमें एक 'सुपर सीरीज' खेलेंगी। इनमें से एक टीम मुख्य ग्रुप स्टेज के लिए क्वालीफाई करेगी, जिसमें कुल 12 टीमें होंगी।


सुपर 7 में राउंड-रॉबिन

तीसरे चरण में 7 टीमें 'सुपर 7' में पहुंचेंगी, जहां हर टीम बाकी छह टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी। इस चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इस दौर में कुल 21 मैच खेले जाएंगे।


भारत-पाक मैचों की संभावना

ICC ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए नया फॉर्मेट घोषित किया


नए फॉर्मेट के अनुसार, यदि दो टीमें दूसरे चरण में एक ही ग्रुप में रहती हैं और दोनों 'सुपर 7' में पहुंच जाती हैं, तो वे फिर से आमने-सामने होंगी। इसके बाद, यदि उनका सामना सेमीफाइनल या फाइनल में होता है, तो एक ही विश्व कप में दोनों टीमें तीन बार भिड़ सकती हैं।


60 मैचों का आयोजन

इस नए फॉर्मेट के तहत पूरे टूर्नामेंट में लगभग 60 मैच खेले जाएंगे। ICC का मानना है कि इस फॉर्मेट का उद्देश्य हर मैच को अधिक महत्वपूर्ण बनाना और प्रतियोगिता की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। इससे फैंस को अधिक रोमांच मिलेगा और उभरती हुई टीमों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा।