कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत के बॉक्सिंग फाइनल में 10 खिलाड़ी, पदक जीतने की उम्मीदें
भारत का शानदार प्रदर्शन जारी
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की सफलता का सिलसिला लगातार जारी है। नौवें दिन भारतीय टीम ने छह पदक जीते, जिससे कुल पदकों की संख्या 23 हो गई है। अब 10वें दिन कई खेलों में पदक जीतने का सुनहरा अवसर है। खासकर बॉक्सिंग पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जहां 10 भारतीय बॉक्सर्स विभिन्न वेट कैटेगरी के फाइनल में गोल्ड मेडल के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।
बॉक्सिंग मुकाबले का समय
बॉक्सिंग में भारत का अभियान दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। इस दौरान महिला 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार का मुकाबला कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो से होगा, जबकि 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लंबोरिया उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श से भिड़ेंगी। पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह मंडेंगबाम का सामना ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से होगा। रात के मुकाबले में साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, अरुंधति चौधरी, लवलीना बोरगोहेन, सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बेरवाल भी अपने-अपने फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगे।
एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में उम्मीदें
एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी भारत की उम्मीदें मजबूत हैं। शॉट पुट, ट्रिपल जंप, 10,000 मीटर रेस वॉक, पोल वॉल्ट, 5000 मीटर दौड़ और मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले जैसे कई इवेंट्स में भारतीय खिलाड़ी भाग लेंगे। इन प्रतियोगिताओं में भी देश को मेडल मिलने की संभावना है।
जूडो में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौती
जूडो में चार भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में राउंड ऑफ 16 और क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। यदि भारतीय खिलाड़ी शुरुआती दौर में सफल रहते हैं, तो वे रात में होने वाले मेडल राउंड में भी अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा ट्रैक साइकलिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों के सामने बड़ा अवसर होगा।
खिलाड़ियों पर टिकी नजरें
स्प्रिंट और 10 किलोमीटर स्क्रैच रेस में भारतीय साइकिलिस्ट क्वालिफिकेशन से लेकर फाइनल तक अपनी क्षमता दिखाने की कोशिश करेंगे। वहीं, लॉन बॉल्स में पुरुषों की पेयर्स टीम इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबला खेलेगी, जबकि महिला सिंगल्स और पुरुष पेयर्स सेमीफाइनल में भी भारत की नजर जीत पर रहेगी। कुल मिलाकर, कॉमनवेल्थ गेम्स का 10वां दिन भारतीय टीम के लिए बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण रहने वाला है। यदि बॉक्सिंग और अन्य खेलों में खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं, तो भारत के पदकों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।
