भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक टेस्ट मैच: क्या टूट गया अनोखा रिकॉर्ड?
भारत और अफगानिस्तान का ऐतिहासिक टेस्ट मैच
नई दिल्ली: मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच एक ऐतिहासिक टेस्ट मैच की शुरुआत हो चुकी है। यह इस मैदान पर पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मुकाबला है, जिससे भारतीय टीम अपने नए टेस्ट सीजन की शुरुआत कर रही है।
एक अनोखा रिकॉर्ड बना
जैसे ही मैच की पहली गेंद फेंकी गई, भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड बन गया, जो पिछले 16 वर्षों से कायम था। भारतीय टीम प्रबंधन ने इस मैच में एक ऐसा निर्णय लिया, जो घरेलू मैदान पर पिछले डेढ़ दशक में कभी नहीं देखा गया।
टॉस जीतकर भारत की शुरुआत
6 जून को शुरू हुए इस मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। हालांकि, भारतीय टीम की शुरुआत अपेक्षाकृत आक्रामक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल केवल 24 रन बनाकर अफगान गेंदबाज मोहम्मद सलीम सफी के हाथों आउट हो गए।
केएल राहुल और साई सुदर्शन की साझेदारी
शुरुआती झटके के बाद, अनुभवी केएल राहुल और युवा साई सुदर्शन ने पारी को संभाला। लंच के समय तक भारतीय टीम ने 1 विकेट के नुकसान पर 96 रन बना लिए थे, जिसमें केएल राहुल 37 और साई सुदर्शन 32 रन बनाकर क्रीज पर थे।
अश्विन और जडेजा की अनुपस्थिति
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार है जब 16 वर्षों में किसी टेस्ट मैच की प्लेइंग इलेवन में दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा दोनों में से कोई भी नहीं है। इसके साथ ही घरेलू मैदान पर लगातार 69 टेस्ट मैचों का सिलसिला भी टूट गया। महान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, जबकि रवींद्र जडेजा को वर्कलोड प्रबंधन के तहत आराम दिया गया है।
श्रीलंका दौरे की तैयारी
यह भारत और अफगानिस्तान के बीच 2026 का पहला टेस्ट मैच है। यह मुकाबला आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के 2025-27 चक्र का हिस्सा नहीं है, फिर भी भारतीय टीम इसे अगस्त में प्रस्तावित श्रीलंका दौरे की तैयारी के रूप में देख रही है, जहां शुभमन गिल की टीम को दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य भविष्य के लिए मजबूत गेंदबाजी बैकअप तैयार करना है।
