भारत-श्रीलंका टेस्ट: तीसरे दिन का रोमांच, डिकवेला-सोनल ने पलटा मैच का रुख
गॉल टेस्ट में तीसरे दिन का उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली: गॉल में चल रहे भारत और श्रीलंका के पहले टेस्ट के तीसरे दिन कई रोमांचक पल देखने को मिले। दिन की शुरुआत भारत के लिए सकारात्मक रही, लेकिन दूसरे सत्र में मेज़बान टीम ने निरोशन डिकवेला और निरोशन सोनल की शानदार पारियों के साथ वापसी की।
भारत ने पहली पारी में बनाए 462 रन
तीसरे दिन सुबह भारत ने अपनी पहली पारी 462 रन पर समाप्त की। इसके बाद जब श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरू हुई, तो उन पर दबाव साफ नजर आया। ओपनर निशान मदुष्का बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए।
लाहिरू उदारा ने 27 रन बनाए, जबकि दिनेश चांदीमल 4 और कामिंदु मेंडिस 14 रन बनाकर आउट हुए। लंच तक श्रीलंका का स्कोर 5 विकेट पर 99 रन था, जिससे भारत मजबूत स्थिति में दिख रहा था।
डिकवेला और सोनल ने संभाली पारी
लंच के बाद मैच का रुख बदल गया। निरोशन डिकवेला और निरोशन सोनल ने छठे विकेट के लिए बेहतरीन साझेदारी की। डिकवेला ने 80 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि सोनल ने शतक जड़ते हुए 100 रन बनाकर टीम को संकट से निकाला। दोनों ने मिलकर श्रीलंका को 284 रन तक पहुंचाया, जिससे मेज़बान टीम पहली पारी में भारत से 178 रन पीछे रह गई।
भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
भारत के लिए मानव सुथार सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट लिए। रवींद्र जडेजा ने 3 विकेट झटके, जबकि कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने 1-1 विकेट लिया।
बारिश ने रोका खेल
जब श्रीलंका की पारी समाप्त हुई, तब तीसरे दिन के 13 ओवर बाकी थे। भारत दूसरी पारी की शुरुआत करने वाला था, लेकिन तेज हवा और बारिश के कारण अंपायरों ने दिन का खेल समाप्त कर दिया। अब बचा हुआ खेल चौथे दिन होगा।
चौथे दिन की रणनीति
चौथे दिन भारत 178 रन की बढ़त के साथ बल्लेबाजी करेगा। टीम की योजना होगी कि इस बढ़त में कम से कम 200 रन और जोड़े जाएं। यदि ऐसा होता है, तो श्रीलंका के सामने 350 से अधिक का लक्ष्य होगा।
भारत की रणनीति स्पष्ट है - पहले बड़ी लीड बनाना और फिर अंतिम दिन श्रीलंका को ऑलआउट करके मैच जीतना। वहीं, डिकवेला और सोनल की पारियों ने श्रीलंका के हार के खतरे को कुछ हद तक टाल दिया है।
अब देखना होगा कि मेज़बान टीम चौथे दिन गेंदबाजी में कैसा प्रदर्शन करती है और क्या वे भारत को रोक पाती हैं। गॉल की पिच पर अब गेंद स्पिनरों की मदद कर रही है, जिससे जडेजा और सुथार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
