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महिला एशिया कप 2026: भारतीय टीम ने जीती ट्रॉफी, लेकिन समारोह में नहीं मिली पुरस्कार

महिला एशिया कप 2026 में भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर खिताब जीता, लेकिन पुरस्कार समारोह में ट्रॉफी नहीं दी गई। कूटनीतिक विवाद के चलते भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तानी अधिकारियों से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। यह घटना पिछले साल के पुरुष एशिया कप की याद दिलाती है, जब भारतीय टीम ने भी ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और भारतीय टीम का रुख।
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भारतीय महिला टीम का एशिया कप में शानदार प्रदर्शन


नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम का मैदान पर दबदबा तो कायम है, लेकिन पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर चल रहा कूटनीतिक विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। 2025 में पुरुषों के एशिया कप के बाद, महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम को विजेता ट्रॉफी नहीं दी गई।


दुबई स्टेडियम में कूटनीतिक तनाव


रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल मुकाबले से पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी वहां पहुंचे। नकवी ने खुद भारतीय कप्तान को ट्रॉफी सौंपने की इच्छा जताई।




भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान के मंत्री और पीसीबी प्रमुख से ट्रॉफी स्वीकार करने से मना कर दिया।


चैंपियन बनने के बाद ट्रॉफी का ठहराव


भारतीय पक्ष ने एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी के माध्यम से ट्रॉफी देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन नकवी ने इसे ठुकरा दिया। घंटों की बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। नकवी ने केवल रनरअप श्रीलंकाई टीम को चेक और मेडल दिए, जबकि भारतीय टीम को बिना ट्रॉफी के ही पुरस्कार समारोह समाप्त कर दिया गया। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया मंच पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने खिलाड़ियों से मिलने के लिए सीधे मैदान में जाने का निर्णय लिया।




पिछले साल का घटनाक्रम भी याद दिलाता है


यह घटना पिछले साल सितंबर 2025 में दुबई में हुए पुरुषों के एशिया कप की याद दिलाती है। उस समय भारतीय पुरुष टीम ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, और तब भी मोहसिन नकवी एसीसी के अध्यक्ष थे। भारतीय टीम ने उनकी उपस्थिति में ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। एक साल बाद, महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई और टीम इंडिया ने अपने रुख को बनाए रखा है कि खेल और देश की नीतियां एक साथ चलती हैं।