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रोहित शर्मा को मिला पद्म श्री: क्रिकेट के इस सितारे की कहानी

भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा को राष्ट्रपति भवन में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस लेख में उनके क्रिकेट सफर, उपलब्धियों और अन्य खिलाड़ियों को मिले सम्मान के बारे में जानकारी दी गई है। जानें कैसे रोहित ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और सविता पूनिया तथा विजय अमृतराज जैसे दिग्गजों को भी सम्मानित किया गया।
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रोहित शर्मा को मिला पद्म श्री: क्रिकेट के इस सितारे की कहानी

रोहित शर्मा को मिला पद्म श्री सम्मान


नई दिल्ली: भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें क्रिकेट में उनके अद्वितीय योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया।


पद्म पुरस्कारों की घोषणा के समय रोहित का नाम पहले से ही सूची में था। जब वह सम्मान लेने के लिए मंच पर पहुंचे, तो उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। इस सम्मान के बाद रोहित के चेहरे पर गर्व और खुशी की झलक साफ नजर आ रही थी।


रोहित का क्रिकेट सफर

क्रिकेट में रोहित का सफर रहा यादगार


रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों और कप्तानों में से एक माने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने T20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीता। इसके अलावा, वह 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं।




2023 ODI वर्ल्ड कप में रोहित की कप्तानी और बल्लेबाजी ने फैंस का दिल जीत लिया। उन्होंने टूर्नामेंट में 597 रन बनाए और भारत को फाइनल तक पहुंचाया। 2019 वर्ल्ड कप में उन्होंने रिकॉर्ड पांच शतक लगाकर 648 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और शांत नेतृत्व ने उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया है।


अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान

विजय अमृतराज और सविता पूनिया को भी मिला सम्मान


उसी समारोह में भारतीय टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। खेल में उनके योगदान के लिए उन्हें देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया गया।


महिला हॉकी की दीवार मानी जाने वाली सविता पूनिया को भी पद्म श्री से नवाजा गया। वह उस भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान थीं जिसने टोक्यो ओलंपिक 2021 में चौथा स्थान हासिल किया था। क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर टीम ने इतिहास रचा था।


सम्मान मिलने के बाद सविता ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि एक समय था जब घर से बाहर निकलना भी मुश्किल लगता था, लेकिन आज राष्ट्रपति भवन में अपने परिवार के साथ खड़े होना उनके सफर की सबसे बड़ी जीत है।